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झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापा, दो अवैध क्लीनिक सील
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:52 PM IST
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कछवां। क्षेत्र के मझवां स्थित एक अप्रशिक्षित चिकित्सक क्लीनिक में इलाज के चलते गुरुवार को बीमार दो बच्चों की मौत की घटना होने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने शनिवार को दो झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक छापेमारी की। इस दौरान दोनों अप्रशिक्षित चिकित्सक क्लीनिक चलाने का कोई लाइसेंस या डिग्री नहीं दिखा सके जिससे टीम ने दोनों क्लीनिक को सील कर दिया।
टीम ने जांच में यह भी पाया गया कि अप्रशिक्षित डॉक्टर के पास न तो दुकान का लाइसेंस था और न ही पेशे संबंधी कोई डिग्री मौके पर पाई गई। मझवां बाजार में जिस डाक्टर ने बच्चों को दवा दी थी वह क्लीनिक बंद कर भरार हो गया है। क्लीनिक के आगे न तो बोड लगा है ना ही नाम लिखा है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध सिन्हा ने बताया कि जमुआ में फर्जी डॉक्टर स्वयं को डॉक्टर बता रहा था जबकि क्लीनिक में एंटीबायोटिक दवाइयां बेची जा रही थीं। दुकान के बाहर बोर्ड नहीं लगा था। क्लीनिक को सील कर दिया गया है। वही मंझवा बाजार में आरोपी चिकित्सक क्लीनिक बंद कर फरार है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए ड्ग इंस्पेक्टर को लिखा गया है। मझवां में ही दो और अप्रशिक्षित डाक्टर मख्खन लाल और डाक्टर अशोक कुमार केशरी को क्लीनिक चलाते पाया गया। ड्रग इंसपेक्टर को जांच कर कार्यवाही करने के लिए लिखा गया है।
मझवां गांव निवासी सुनील कुमार ने अपने बीमार पुत्र राहुल (10) ने मझवा बाजार एक अप्रशिक्षित डाक्टर की क्लीनिक पर गुरुवार को इलाज कराया था। यहां उसे दवा पिलाई गई जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। वहीं मझवां निवासी विनोद यादव अपने बुखार से पीड़ित एक वर्षीय बेटे राजा को मझवा बाजार स्थित उसी क्लीनिक पर इलाज कराया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। बाद में दोनोें बच्चों की मौत हो गई थी।
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टीम ने जांच में यह भी पाया गया कि अप्रशिक्षित डॉक्टर के पास न तो दुकान का लाइसेंस था और न ही पेशे संबंधी कोई डिग्री मौके पर पाई गई। मझवां बाजार में जिस डाक्टर ने बच्चों को दवा दी थी वह क्लीनिक बंद कर भरार हो गया है। क्लीनिक के आगे न तो बोड लगा है ना ही नाम लिखा है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध सिन्हा ने बताया कि जमुआ में फर्जी डॉक्टर स्वयं को डॉक्टर बता रहा था जबकि क्लीनिक में एंटीबायोटिक दवाइयां बेची जा रही थीं। दुकान के बाहर बोर्ड नहीं लगा था। क्लीनिक को सील कर दिया गया है। वही मंझवा बाजार में आरोपी चिकित्सक क्लीनिक बंद कर फरार है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए ड्ग इंस्पेक्टर को लिखा गया है। मझवां में ही दो और अप्रशिक्षित डाक्टर मख्खन लाल और डाक्टर अशोक कुमार केशरी को क्लीनिक चलाते पाया गया। ड्रग इंसपेक्टर को जांच कर कार्यवाही करने के लिए लिखा गया है।
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मझवां गांव निवासी सुनील कुमार ने अपने बीमार पुत्र राहुल (10) ने मझवा बाजार एक अप्रशिक्षित डाक्टर की क्लीनिक पर गुरुवार को इलाज कराया था। यहां उसे दवा पिलाई गई जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। वहीं मझवां निवासी विनोद यादव अपने बुखार से पीड़ित एक वर्षीय बेटे राजा को मझवा बाजार स्थित उसी क्लीनिक पर इलाज कराया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। बाद में दोनोें बच्चों की मौत हो गई थी।
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