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भाभी की चाहत ने चचेरे भाई से कराया भाई की हत्या
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:24 AM IST
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मिर्जापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र के महरौड़ा गांव निवासी रणजीत सरोज की पत्नी को पाने के लिए उसके चचेरे भाई ने ही 19 मार्च की रात कमरे में सोते समय रणजीत की चाकू से वार कर हत्या की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी भाग निकला था। मृतक के पिता की तहरीर पर मृतक की पत्नी और चचेरे भाई के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कर बुधवार को गांव के पास से दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चाकू को बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बुधवार को पुलिस लाइन में हत्याकांड का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि महरौड़ा गांव निवासी रणजीत सरोज पुत्र बंशीलाल की पत्नी सरिता का प्रेम संबंध उसके चचेरे देवर बलराम से पिछले पांच वर्षों से चल रहा था। दोनों चोरी छुपे मिला करते थे। एक दिन इसकी जानकारी रणजीत को हुई तो उसने सरिता को अपने चाचा के लड़के बलराम पुत्र रामचंद्र से दूर रहने को कहा, लेकिन सरिता नहीं मानी और बलराम से मिलती रही। धीरे-धीरे दोनों का प्यार परवान चढ़ता गया। विरोध जताने पर बलराम ने रणजीत को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 19 मार्च की रात बलराम चाकू लेकर छत के रास्ते रणजीत के कमरे में पहुंचा और चारपाई पर सो रहे रणजीत के पेट पर वार कर दिया। चाकू लगते ही रणजीत गंभीर रूप से घायल हो गया लेकिन इस दौरान उसने बलराम को पहचान लिया। रणजीत जब तक किसी को बलराम के बारे में बताता तब तक उसकी सांसें टूट चुकी थीं। घटना की जानकारी होने पर मृतक के पिता बंशीलाल ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध पुत्र की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। बहू पर पुत्र की हत्या कराने की आशंका जताने पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई थी। बुधवार को पता चला कि रणजीत हत्याकांड का आरोपी महरौड़ा गांव से भागने वाला है। जानकारी होते ही विंध्याचल थानाध्यक्ष अशोक सिंह, उपनिरीक्षक बहानंद यादव के साथ पहुंचे और आरोपी बलराम को गिरफ्तार कर पूछताछ किया तो पूरा मामला प्रकाश में आ गया। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल मृतक की पत्नी सरिता को भी गिरफ्तार कर लिया।
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उन्होंने बताया कि महरौड़ा गांव निवासी रणजीत सरोज पुत्र बंशीलाल की पत्नी सरिता का प्रेम संबंध उसके चचेरे देवर बलराम से पिछले पांच वर्षों से चल रहा था। दोनों चोरी छुपे मिला करते थे। एक दिन इसकी जानकारी रणजीत को हुई तो उसने सरिता को अपने चाचा के लड़के बलराम पुत्र रामचंद्र से दूर रहने को कहा, लेकिन सरिता नहीं मानी और बलराम से मिलती रही। धीरे-धीरे दोनों का प्यार परवान चढ़ता गया। विरोध जताने पर बलराम ने रणजीत को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 19 मार्च की रात बलराम चाकू लेकर छत के रास्ते रणजीत के कमरे में पहुंचा और चारपाई पर सो रहे रणजीत के पेट पर वार कर दिया। चाकू लगते ही रणजीत गंभीर रूप से घायल हो गया लेकिन इस दौरान उसने बलराम को पहचान लिया। रणजीत जब तक किसी को बलराम के बारे में बताता तब तक उसकी सांसें टूट चुकी थीं। घटना की जानकारी होने पर मृतक के पिता बंशीलाल ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध पुत्र की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। बहू पर पुत्र की हत्या कराने की आशंका जताने पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई थी। बुधवार को पता चला कि रणजीत हत्याकांड का आरोपी महरौड़ा गांव से भागने वाला है। जानकारी होते ही विंध्याचल थानाध्यक्ष अशोक सिंह, उपनिरीक्षक बहानंद यादव के साथ पहुंचे और आरोपी बलराम को गिरफ्तार कर पूछताछ किया तो पूरा मामला प्रकाश में आ गया। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल मृतक की पत्नी सरिता को भी गिरफ्तार कर लिया।
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