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मुकदमा दर्ज होते ही सहकारी समिति से भाग खड़े हुए सचिव
Updated Sun, 20 May 2018 11:04 PM IST
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अहरौरा। पीसीएफ के जिला प्रबंधक की ओर से धान खरीद में पौने पांच करोड़ रुपये का गबन किए जाने के मामले में मिलर और 11 सचिवों के खिलाफ दर्ज कराई कई प्राथमिकी के बाद आरोपी सचिव सहकारी समिति छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं। जांच में धान की ढुलाई में भी धांधली का मामला प्रकाश में आया है। यह बात सामने आई है कि रिकार्ड में टैंपो से धान की ढुलाई की गई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पीसीएफ जिला प्रबंधक ने मिलर और सहकारी समिति के ग्यारह सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के लिए मामले को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को सौंप दिया है। उधर, गिरफ्तारी के डर से सभी आरोपी सचिव सहकारी समिति को छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। पीसीएफ के जिला प्रबंधक की ओर से पौने पांच करोड़ रुपये के गबन के आरोप में केस दर्ज कराए जाने के बाद हड़कंप मचा है।
बीते 23 फरवरी से जब मिलर की ओर से भारतीय खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति नहीं की गई तो संबंधित विभाग को शक हुआ और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई। इसमें गठित जांच कमेटी ने पांच दिन पूर्व पौने पांच करोड़ रुपये के सरकारी चावल के गबन किए जाने की आख्या रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में धान की ढुलाई में भी धांधली पाई गई है। धान की ढुलाई के लिए टैंपो का भी प्रयोग किया जाना रिकार्ड में दिखाया गया था। पुलिस ने गबन का मुकदमा दर्ज करते हुए शनिवार की सुबह सीओ नक्सल केपी सिंह को रिपोर्ट भेज दी। सीओ ने विवेचना के लिए एफआईआर की नकल लखनऊ आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के एडीजी को भेज दी है। पुलिस ने बताया कि आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के एडीजी जांच टीम का गठित करेंगे। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर पीसीएफ जिला प्रबंधक ने मिलर और सहकारी समिति के ग्यारह सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के लिए मामले को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को सौंप दिया है। उधर, गिरफ्तारी के डर से सभी आरोपी सचिव सहकारी समिति को छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। पीसीएफ के जिला प्रबंधक की ओर से पौने पांच करोड़ रुपये के गबन के आरोप में केस दर्ज कराए जाने के बाद हड़कंप मचा है।
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बीते 23 फरवरी से जब मिलर की ओर से भारतीय खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति नहीं की गई तो संबंधित विभाग को शक हुआ और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई। इसमें गठित जांच कमेटी ने पांच दिन पूर्व पौने पांच करोड़ रुपये के सरकारी चावल के गबन किए जाने की आख्या रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में धान की ढुलाई में भी धांधली पाई गई है। धान की ढुलाई के लिए टैंपो का भी प्रयोग किया जाना रिकार्ड में दिखाया गया था। पुलिस ने गबन का मुकदमा दर्ज करते हुए शनिवार की सुबह सीओ नक्सल केपी सिंह को रिपोर्ट भेज दी। सीओ ने विवेचना के लिए एफआईआर की नकल लखनऊ आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के एडीजी को भेज दी है। पुलिस ने बताया कि आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के एडीजी जांच टीम का गठित करेंगे। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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