कमिश्नर जी, कहां हुई सफाई
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दीपावली के पहले लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों की सफाई शुरू कर दी है। घरों व दूकानों से कूड़ा निकालकर सड़कों पर फेंक दे रहे हैं। प्रशासन ने ऐसे समय में विशेष सफाई अभियान शुरू किया। मगर उसका असर नहीं दिख रहा है। नगर पालिका रोजाना हर मुहल्ले में झाड़ू तक नहीं लगवा पा रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े हैं। नगरपालिका प्रशासन ने बीते बुधवार को विशेष सफाई अभियान शुरू किया जो अंजाम तक पहुंचने के पूर्व ही दम तोड़ता नजर आ रहा है।
कूड़ा कचरा ही नहीं आवारा पशु भी शहर के लिए बड़ी समस्या हैं। कूड़े के ढेरों को पशु इधर उधर फैला रहे हैं। आवारा पशुओं पर शिकंजा कसने के लिए मंडलायुक्त रंजन कुमार ने पालिका प्रशासन को निर्देश दिया था लेकिन शहर में कांजी हाउस ही नहीं है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन बेबस है। भीड़ भाड़ इलाके वाले वासलीगंज, मुकेरी बाजार, घंटाघर आदि इलाकों में बड़ी संख्या में पशु घूमते रहते हैं। नगर के 35 वार्डोँ में चल रहे विशेष सफाई अभियान में भी ये पशु खलनायक सिद्ध हो रहे हैं।
चारों तरफ गंदगी करते रहते हैं। महुअरिया, वासलीगंज, रमईपट्टी आदि इलाकों में नालियां जाम हैं। लोग मच्छरों से त्रस्त हैं। संगमोहाल और स्टेशन रोड पर भी नालियों का पानी ओवरफ्लो हो रहा है।