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आदिवासी कोल समाज वोटर नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:23 AM IST
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अखिल भारतीय सेवा समर्पण संस्थान की ओर से पिपरा गांव में आयोजित आदिवासी सम्मेलन में समाज के उत्थान एवं महत्व पर चर्चा की गई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संत रविदास नगर के भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि आदिवासी कोल समाज सिर्फ वोटर ही नहीं, बल्कि वह समाज की रीढ़ है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी कोल समाज भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता के जन्मदाता हैं। आदिवासी समाज के शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यह समाज एकता के सूत्र में बंध कर आधुनिक भारत के निर्माण में भी सहयोगी भूमिका अदा कर सकता है।
विशिष्ट अतिथि मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कोल समाज हमारे देश का गौरवशाली समाज है। उन्हाेंने कहा कि वे कोल समाज के उत्थान के लिए संसद में भी आवाज उठाएंगी।
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विशिष्ट अतिथि छानबे विधायक भाईलाल कोल ने कहा कि वे अपने समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। छानबे विधायक ने आदिवासी समाज में शिक्षा को अनिवार्य बताते हुए नसीहत दी कि अपने आवश्यकताओं को सीमित करते हुए समाज के लोगों को अपने बच्चाें को पढ़ानेे के लिए विशेष प्रयास करना चाहिए। सेवा समर्पण संस्थान के राजमणि कोल ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति की ओर हमारा समाज तेजी से बढ़ रहा है, जो भारतीय संस्कृति के लिए घातक है।
सम्मेलन की अध्यक्षता मनीराम कोल और संचालन विनोद कोल ने किया।
इस दौरान बालेंदुमणि त्रिपाठी, हीरामणि कोल, श्याम बहादुर सिंह, राजेंद्र कोल, विपुल सिंह, सुरेंद्र कोल, राजेश दूबे, केदार शुक्ल, शिव प्रसाद, बसंत लाल, सूर्यनाथ सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।
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सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संत रविदास नगर के भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि आदिवासी कोल समाज सिर्फ वोटर ही नहीं, बल्कि वह समाज की रीढ़ है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी कोल समाज भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता के जन्मदाता हैं। आदिवासी समाज के शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यह समाज एकता के सूत्र में बंध कर आधुनिक भारत के निर्माण में भी सहयोगी भूमिका अदा कर सकता है।
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विशिष्ट अतिथि मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कोल समाज हमारे देश का गौरवशाली समाज है। उन्हाेंने कहा कि वे कोल समाज के उत्थान के लिए संसद में भी आवाज उठाएंगी।
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विशिष्ट अतिथि छानबे विधायक भाईलाल कोल ने कहा कि वे अपने समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। छानबे विधायक ने आदिवासी समाज में शिक्षा को अनिवार्य बताते हुए नसीहत दी कि अपने आवश्यकताओं को सीमित करते हुए समाज के लोगों को अपने बच्चाें को पढ़ानेे के लिए विशेष प्रयास करना चाहिए। सेवा समर्पण संस्थान के राजमणि कोल ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति की ओर हमारा समाज तेजी से बढ़ रहा है, जो भारतीय संस्कृति के लिए घातक है।
सम्मेलन की अध्यक्षता मनीराम कोल और संचालन विनोद कोल ने किया।
इस दौरान बालेंदुमणि त्रिपाठी, हीरामणि कोल, श्याम बहादुर सिंह, राजेंद्र कोल, विपुल सिंह, सुरेंद्र कोल, राजेश दूबे, केदार शुक्ल, शिव प्रसाद, बसंत लाल, सूर्यनाथ सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।