मिर्जापुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दूसरे दिन मंगलवार को भी बैंकों पर ताले लटकते रहे। शहर से लेकर देहात तक बैंक बंद होने से हड़ताल के दूसरे दिन छह सौ करोड़ का क्लियरिंग चेक एवं व्यापार प्रभावित हुआ। डंकीनगंज स्थित इंडियन बैंक शाखा पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान गिरिजा शंकर की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते जिला संयोजक सुरेश पांडेय ने कहा भारत सरकार के कथनी और करनी में जमीन, आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा बैंक कर्मियों के साथ-साथ आम जनता को भी इससे सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा देश के विकास के लिए 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। जिला संयोजक ने कहा केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निजीकरण के तहत बेचने पर आमादा है। कहा सरकार के इस नीति से केवल 10 प्रतिशत पूंजीपति लोगों के स्वयं का भला होगा। जबकि देश की नब्बे प्रतिशत जनता के साथ अन्याय व धोखा होने जा रहा है। कहा इस तुगलगी फरमान को बैंककर्मी किसी भी दशा में पूरा नहीं होने देंगे। अनिश्चित कालीन हड़ताल या आमरणन अनशन ही क्यों न हो बैंक कर्मी पीछे नहीं हटेंगे। अर्पित शर्मा ने कहा सरकार की गलत नीतियों से आम बैंक ग्राहकों को भी जागरूक होना पड़ेगा। कहा कहीं ऐसा न हो जाए कि सब कुछ लूट जाने के बाद पछताना पड़े। संजीव पांडेय ने कहा बैंक कर्मियों का यह आंदोलन स्वहित के लिए नहीं बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा आम जनता के धन को सुरक्षित रखने के लिए है। बैंक कर्मियों की हड़ताल को सीपीआईएम ने भी अपना समर्थन दिया। जिला मंत्री अनुज प्रताप सिंह ने कहा बैंक कर्मियों के प्रत्येक आंदोलन के साथ है। सभा में विनय सिंह, रविशंकर सिंह, आशीष मिश्रा, संजय दुबे, विकास चंद, अनूप वत्स, निशा मेहो, पुनीत जायसवाल, संजीव पांडेय, राकेश कुमार, अश्वनी कुमार, शशिशेखर पांडेय, प्रभुनारायण, पंकज कुमार, रितेश कुमार, योगेंद्र बहादुर, डीपी राय, नितेश शुक्ला, रविंद्र प्रताप सिंह, भूपेश जायसवाल, बीबी लाल, सुरेंद्र कुमार, राजेश्वर, विजय शंकर, मनीष रंजन, रामनारायण, गौरव श्रीवास्तव,शुभम अग्रवाल, आशीष गौतम, बदरुद्दीन, आशीष कुमार गौतम, रुपेश कुमार सहित भारी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे।