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चार घंटों की बारिश में पानी में डूबा नगर
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मिर्जापुर। रविवार की सुबह हुई झमाझम बारिश से नगर के कई स्थानों पर जलजमाव हो गया। रविवार का दिन होने से आवागमन कम रहा नहीं तो शहर में चलना मुश्किल हो जाता।
नगर में नगर पालिका की तरफ से नालियों व नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया जा रहा है। इसकी वजह भी है। नालियों व नालों की सफाई का काम जून में ही पूरा हो जाता है। इसके बाद भी नगर के स्वामी दयानंद मार्ग, कसरहट्टी, भटवा की पोखरी, लोहंदी व अन्य कई जगहों पर जल जमाव हो गया। स्वामी दयानंद मार्ग पर तो घुटने तक जल जमाव हो गया। अधिकतर जगहों की यही स्थिति रही। लोहंदी में भी कमोवेश यही स्थिति रही। इसके साथ ही कई अन्य जगहों पर कुछ देर के लिए जलजमाव हुआ। आर्यकन्या रोड पर भी जलमाव हो गया। लेकिन बारिश के बाद हालात सामान्य हो गए। वहीं गलियों के अंदर कुछ जगहों पर जरूर काफी देर तक जलजमाव बना रहा। इसी प्रकार स्टेशन रोड, पुरानी दशमी व कजरहवा पर भी नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विंध्याचल में पटेंगरा नाला व आसपास के अन्य क्षेत्रों में जलजमाव होने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
टापू बनी विंध्यवासिनी कालोनी
नगर के भरूहना में स्थित विंध्यवासिनी कालोनी इस समय टापू बनी हुई है। इस जगह सीवर पाइप लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई की गई थी पूरे सड़क पर मिट्टी पड़ी हुई है। उस पर चार घंटे तक बारिश से कीचड़ का तालाब तैयार हो गया है। कोई अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहा। नागरिकों का आरोप है कि जिला पंचायत की ओर से होने वाले इस कार्य की गति बहुत ही धीमी है। अधिक श्रमिक लगाकर इसे शीघ्र ही पूरा कराया जाए।
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नगर में कहीं जलजमाव नहीं हो रहा है। संकरी नालियों की वजह से जब तेज और अधिक देर तक बरसात होती है तो पानी लग जाता है लेकिन शीघ्र ही वह नालियों के रास्ते निकल जाता है। कई जगहों पर नालियों पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। उसके खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
- ओमप्रकाश, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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नगर में नगर पालिका की तरफ से नालियों व नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया जा रहा है। इसकी वजह भी है। नालियों व नालों की सफाई का काम जून में ही पूरा हो जाता है। इसके बाद भी नगर के स्वामी दयानंद मार्ग, कसरहट्टी, भटवा की पोखरी, लोहंदी व अन्य कई जगहों पर जल जमाव हो गया। स्वामी दयानंद मार्ग पर तो घुटने तक जल जमाव हो गया। अधिकतर जगहों की यही स्थिति रही। लोहंदी में भी कमोवेश यही स्थिति रही। इसके साथ ही कई अन्य जगहों पर कुछ देर के लिए जलजमाव हुआ। आर्यकन्या रोड पर भी जलमाव हो गया। लेकिन बारिश के बाद हालात सामान्य हो गए। वहीं गलियों के अंदर कुछ जगहों पर जरूर काफी देर तक जलजमाव बना रहा। इसी प्रकार स्टेशन रोड, पुरानी दशमी व कजरहवा पर भी नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विंध्याचल में पटेंगरा नाला व आसपास के अन्य क्षेत्रों में जलजमाव होने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
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टापू बनी विंध्यवासिनी कालोनी
नगर के भरूहना में स्थित विंध्यवासिनी कालोनी इस समय टापू बनी हुई है। इस जगह सीवर पाइप लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई की गई थी पूरे सड़क पर मिट्टी पड़ी हुई है। उस पर चार घंटे तक बारिश से कीचड़ का तालाब तैयार हो गया है। कोई अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहा। नागरिकों का आरोप है कि जिला पंचायत की ओर से होने वाले इस कार्य की गति बहुत ही धीमी है। अधिक श्रमिक लगाकर इसे शीघ्र ही पूरा कराया जाए।
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नगर में कहीं जलजमाव नहीं हो रहा है। संकरी नालियों की वजह से जब तेज और अधिक देर तक बरसात होती है तो पानी लग जाता है लेकिन शीघ्र ही वह नालियों के रास्ते निकल जाता है। कई जगहों पर नालियों पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। उसके खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
- ओमप्रकाश, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद