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मंडलीय चिकित्सालय मरीजों से पटा
mirzapur news
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:03 AM IST
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अस्पताल का हाल
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मिर्जापुर। डायरिया व दिमागी बुखार के बढ़ते मरीजों के चलते मंडलीय चिकित्सालय मरीजों से पट गया है। वर्तमान समय में एक भी मरीज को भर्ती करने के लिए चिकित्सालय में बेड खाली नहीं है। स्थिति यह हो गई है कि बीमार होकर आ रहे मरीजों को डेंगू वार्ड खोलवा कर भर्ती किया जा रहा है फिर भी स्थिति काबू नहीं हो रही है। हर घंटे बढ़ रही मरीजों की संख्या देख कर चिकित्सक से लेकर कर्मचारी तक परेशान हो गए हैं।
बता दें कि मंडलीय चिकित्सालय में डेढ़ सौ मरीजों भर्ती की व्यवस्था है, लेकिन इस समय मरीजों की संख्या में आए दिन बढ़ोत्तरी होने के चलते चिकित्सालय का सारा बेड भर गया है। 155 बेडों वाले इस चिकित्सालय में सर्जिकल वार्ड 35 बेड का है। जिसमें दुर्घटना ग्रस्त या आपरेशन के मरीज भर्ती किए जाते हैं। वहीं 35 वेडो वाले मेडिकल वार्ड में बुखार, डायरिया समेत अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाता है। वहीं महिला वार्ड में महिलाओं को भर्ती करने की सुविधा दी गई है। इसके अलावा चिल्ड्रेन वार्ड व इमरजेंसी तथा प्राइवेट वार्ड भी हैं। डेंगू व स्वाइन फ्लू रोग से ग्रसित मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है, लेकिन इस समय जिले में लोगों के अधिक बीमार होने के चलते मंडलीय चिकित्सालय मरीजों से पूरी तरह पट गया है। चिकित्सकों को समझ में नहीं आ रहा है कि प्रतिदिन आने वाले दर्जनों मरीजों को किस वार्ड में भर्ती करें। मजबूरी में चिकित्सक गंभीर रोगों के मरीजों को किसी तरह चिकित्सालय में भर्ती कर रहे हैं जबकि मामूली रूप से बीमार लोगों को दवा देकर छोड़ दे रहे हैं।
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जनपद के सीएचसी पीएचसी पर तैनात डाक्टरों के आए दिन ड्यूटी से गायब रहने के चलते यहां आने वाले मरीजों का इलाज नहीं हो पाता है। स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद फार्मासिस्ट या वार्ड ब्वाय मरीजों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे परिजन मजबूर होकर अपने मरीजों को लेकर मंडलीय चिकित्सालय पहुंच जाते हैं। जबकि डायरिया व बुखार के मरीजों का इलाज वहां पर किया जा सकता है। जिले भर से मरीजों के आने से मंडलीय चिकित्सालय के डाक्टरों पर बोझ बढ़ता जाता है।
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