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शोक संवेदना जता चले गए मुख्यमंत्री
mirzapur news
Updated Sat, 11 Nov 2017 11:59 PM IST
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मुख्यमंत्री
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मिर्जापुर। जिले हलिया ब्लॉक के सुदूर दक्षिणी वैधा गांव मेें मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने 58 मिनट बिताये। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के पिता के त्रयोदशाह में भाग लेने आये थे। मुख्यमंत्री ने शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद इलाके की समस्याओं के बारे में जानकारी ली लेकिन नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता के चलते वे कुछ भी कहने से बचते रहे।
दोपहर 12.41 बजे मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से वैधा गांव पहुंचे। हेलीपैड से सीधे अरुण सिंह के घर पहुंचे। अरुण सिंह के पिता विजय नारायण सिंह के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। उनकी माता ललिता सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर शोक संवेदन व्यक्त की। उसके बाद मुख्यमंत्री घर के बाहर लगे टेंट में पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों से बातचीत की। उनसे क्षेत्र के बारे में जानकारी ली। परिवार के बच्चों भी बातचीत करते रहे। महाप्रसाद लिया और एक बज कर 39 मिनट पर अनपरा के लिए रवाना हो गए।
अरुण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इलाके के बारे में जानकारी ली। समस्याओं को समझा और उनके समाधान की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि लालगंज-जड़कुड़ मार्ग के निर्माण की समस्या दूर हो गई है और जल्द ही उस पर काम शुरू हो जाएगा। सिंगरौली- इलाहाबाद मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाना है। इंटर स्टेट सड़क बनाने की स्वीकृति हो गई है। मुख्यमंत्री इस अति पिछड़े क्षेत्र में पहुंचे हैं और हाल जाना। विधायक राहुल प्रकाश कोल ने मुख्यमंत्री को हलिया को तहसील बनाने के लिए एक पत्रक दिया। बिहार के भाजपा के संगठन मंत्री नागेन्द्र सिंह, खाद्य और रसद मंत्री अतुल गर्ग, औरंगाबाद के भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह, अपना दल एस के अध्यक्ष आशीष पटेल, पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया, विधायक राहुल कोल, सुचिस्मिता मौर्य, रमाशंकर सिंह पटेल, पूर्व एमएलसी विनीत सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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दूर-दूर रहे आला अधिकारी
मिर्जापुर। आचार संहिता के चलते मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस के आला अफसर वैधा गांव में रहते हुए भी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। सुबह जिलाधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे और दिशा निर्देश दे कर पांच किलोमीटर दूर स्थित बाण सागर परियोजना के गेस्ट हाउस पर पहुंच गए। मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए हेलीपैड पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित थे। मुख्यमंत्री के लौटते तक वहीं मौजूद रहे लेकिन सीएम ने कुछ नहीं कहा। बुर्जुगों ने बताया कि इसके पूर्व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का हेलीकाप्टर मझियार गांव में और मुलायम सिंह यादव हेलीकाप्टर से सुखड़ा गांव आए थे।
सीएम ने लिया व्यंजनों का स्वाद
मिर्जापुर। नेशलन सिक्योरिटी गार्ड के छह सदस्यीय टीम के घेरे में हेलीकाप्टर से उतर कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कचौड़ी, तंदूरी रोटी, बेसन रोटी, पालक आलू की सब्जी, राजमा की सब्जी, मटर पनीर,दाल मखनी, तले काजू, राजभोग और काला जामुन का स्वाद चखा। उनके कार्यक्रम स्थल से रवानगी के समय कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम और योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद के नारे लगाये।
दोपहर 12.41 बजे मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से वैधा गांव पहुंचे। हेलीपैड से सीधे अरुण सिंह के घर पहुंचे। अरुण सिंह के पिता विजय नारायण सिंह के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। उनकी माता ललिता सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर शोक संवेदन व्यक्त की। उसके बाद मुख्यमंत्री घर के बाहर लगे टेंट में पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों से बातचीत की। उनसे क्षेत्र के बारे में जानकारी ली। परिवार के बच्चों भी बातचीत करते रहे। महाप्रसाद लिया और एक बज कर 39 मिनट पर अनपरा के लिए रवाना हो गए।
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अरुण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इलाके के बारे में जानकारी ली। समस्याओं को समझा और उनके समाधान की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि लालगंज-जड़कुड़ मार्ग के निर्माण की समस्या दूर हो गई है और जल्द ही उस पर काम शुरू हो जाएगा। सिंगरौली- इलाहाबाद मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाना है। इंटर स्टेट सड़क बनाने की स्वीकृति हो गई है। मुख्यमंत्री इस अति पिछड़े क्षेत्र में पहुंचे हैं और हाल जाना। विधायक राहुल प्रकाश कोल ने मुख्यमंत्री को हलिया को तहसील बनाने के लिए एक पत्रक दिया। बिहार के भाजपा के संगठन मंत्री नागेन्द्र सिंह, खाद्य और रसद मंत्री अतुल गर्ग, औरंगाबाद के भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह, अपना दल एस के अध्यक्ष आशीष पटेल, पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया, विधायक राहुल कोल, सुचिस्मिता मौर्य, रमाशंकर सिंह पटेल, पूर्व एमएलसी विनीत सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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दूर-दूर रहे आला अधिकारी
मिर्जापुर। आचार संहिता के चलते मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस के आला अफसर वैधा गांव में रहते हुए भी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। सुबह जिलाधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे और दिशा निर्देश दे कर पांच किलोमीटर दूर स्थित बाण सागर परियोजना के गेस्ट हाउस पर पहुंच गए। मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए हेलीपैड पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित थे। मुख्यमंत्री के लौटते तक वहीं मौजूद रहे लेकिन सीएम ने कुछ नहीं कहा। बुर्जुगों ने बताया कि इसके पूर्व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का हेलीकाप्टर मझियार गांव में और मुलायम सिंह यादव हेलीकाप्टर से सुखड़ा गांव आए थे।
सीएम ने लिया व्यंजनों का स्वाद
मिर्जापुर। नेशलन सिक्योरिटी गार्ड के छह सदस्यीय टीम के घेरे में हेलीकाप्टर से उतर कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कचौड़ी, तंदूरी रोटी, बेसन रोटी, पालक आलू की सब्जी, राजमा की सब्जी, मटर पनीर,दाल मखनी, तले काजू, राजभोग और काला जामुन का स्वाद चखा। उनके कार्यक्रम स्थल से रवानगी के समय कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम और योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद के नारे लगाये।