{"_id":"588502b04f1c1bc77cf0082a","slug":"cbi-investigating-the-chakdam","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंधी और चेेकडैम निर्माण की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंधी और चेेकडैम निर्माण की जांच
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Mon, 23 Jan 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
हलिया में मनरेगा से हुए कार्यां की जांच करने पहंुची सीबीआई टीम पूछताछ करती हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सीबीआई के डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को भी हलिया ब्लॉक में मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच की। डिप्टी एसपी ने ब्लॉक में कराए गए 71 कार्यों की जांच भी पूरी कर ली। रविवार को रौतलिया में बने चेकडैम और गढ़वा में बने बंधी का निरीक्षण किया साथ ही जांच के बाद श्रमिकों का बयान दर्ज किया।
जांच के पांचवें दिन वर्ष 2008-09 में 15 लाख 79 हजार की लागत से सिगटा ग्रामसभा के रौतलियां नाले पर बनवाए गए 15 मीटर लंबे चेकडैम का निरीक्षण किया। चेकडैम क्षतिग्रस्त मिला। श्रमिकों के बयान में सुनिता, भगवंती, तेरसी, पुन्नवसिया, मीरा, पपिराज, कुकडु, कलावती, राजकुमारी, रमाश्ंाकर, हरिगोविंद, रामगोविंद, सुनीता, शंभू, शिव आदि श्रमिकों का बयान लिया। मीरा ने बताया कि उसने नहीं बल्कि पति पतिराज ने काम किया है।
बावजूद इसके मस्टर रोल में पति-पत्नी दोनों का नाम दर्ज था। कलावती और राजकुमारी ने भी बताया कि उन्होंने काम नहीं किया है। वहीं शेष मजदूरों ने बताया कि अभी तक पूरी मजदूरी नहीं मिली है। मेठ दशरथ और राजू के द्वारा मस्टर रोल भरा गया था लेकिन मेठ दशरथ ने कहा कि उन्होंने मस्टर रोल नहीं भरा है। सीबीआई टीम ने वर्ष 2007-08 में गढ़वा में बने झगड़हा बंधी का निरीक्षण किया और श्रमिकों का बयान लिया। श्रमिकों ने बताया कि बीडीसी विनोद सिंह ने काम कराया था वहीं मेठ पंडित ने कुछ मजदूरी दी थी। जांच में सीबीआई के संतोष कुमार, जेई अच्छेलाल, विमलेश मौजूद रहे।
जांच के पांचवें दिन वर्ष 2008-09 में 15 लाख 79 हजार की लागत से सिगटा ग्रामसभा के रौतलियां नाले पर बनवाए गए 15 मीटर लंबे चेकडैम का निरीक्षण किया। चेकडैम क्षतिग्रस्त मिला। श्रमिकों के बयान में सुनिता, भगवंती, तेरसी, पुन्नवसिया, मीरा, पपिराज, कुकडु, कलावती, राजकुमारी, रमाश्ंाकर, हरिगोविंद, रामगोविंद, सुनीता, शंभू, शिव आदि श्रमिकों का बयान लिया। मीरा ने बताया कि उसने नहीं बल्कि पति पतिराज ने काम किया है।
विज्ञापन
बावजूद इसके मस्टर रोल में पति-पत्नी दोनों का नाम दर्ज था। कलावती और राजकुमारी ने भी बताया कि उन्होंने काम नहीं किया है। वहीं शेष मजदूरों ने बताया कि अभी तक पूरी मजदूरी नहीं मिली है। मेठ दशरथ और राजू के द्वारा मस्टर रोल भरा गया था लेकिन मेठ दशरथ ने कहा कि उन्होंने मस्टर रोल नहीं भरा है। सीबीआई टीम ने वर्ष 2007-08 में गढ़वा में बने झगड़हा बंधी का निरीक्षण किया और श्रमिकों का बयान लिया। श्रमिकों ने बताया कि बीडीसी विनोद सिंह ने काम कराया था वहीं मेठ पंडित ने कुछ मजदूरी दी थी। जांच में सीबीआई के संतोष कुमार, जेई अच्छेलाल, विमलेश मौजूद रहे।
विज्ञापन