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चारे के अभाव में तड़प रहे मवेशी, खा रहे सड़ा चारा

Mon, 20 Apr 2020 10:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 10:06 PM IST
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Cattle craving due to lack of fodder
जमालपुर। कुछ दिन पहले लालगंज के धोबहा देवघटा में भूख प्यास से तड़पकर पशुओं की मौत की चर्चा अभी थमी नहीं थी कि जमालपुर क्षेत्र के शिवपुर मिल्की स्थित गोआश्रय स्थल में गोवंशों की मौत और तड़पते पशुओं का मामला प्रकाश में आया है। सोमवार को गोआश्रय स्थल में कुछ पशु जहां जमीन पर तड़पते देखे गए तो वहीं कई पशु बेहद कमजोर हालत में नजर आए। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि आश्रय स्थल के समीप ही एक गड्ढा खोदकर मरने वाले गोवंश को चोरी छिपे दफनाया जा रहा है। वहां कई पशुओं के कंकाल भी दिखे। पशुओं की मौत और समीप ही उनके फेंके जाने की वजह से स्थानीय लोगों में इसको लेकर जबरदस्त रोष है।
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लॉक डाउन में आम जनता तो किसी प्रकार से अपना पेट भर ले रही है पर गोआश्रय स्थल में बंद पशु इसका दंश झेल रहे हैं। क्षेत्र के शिवपुर मिल्की में गोआश्रय स्थल में पशुओं की दशा दयनीय है। जहां प्रशासन बेपरवाह है तो वहीं जिम्मेदार लापरवाह बने हुए है। स्थानीय लोगों की मानें तो भूख प्यास से तड़पकर दर्जनभर से ज्यादा गोवंश पिछले कुछ दिनों में दम तोड़ चुके हैं। मंगलवार को भी पशु तड़पते देखे गए तो वहीं कुछ पशु सड़ा भूसा खाने को मजबूर दिखे। आश्रय स्थल पर मौजूद पशुुओं में कई गोवंश बेहद कमजोर और बीमार हैं। ऐसे में मौत का सिलसिला और बढ़ सकता है। पशुओं की देख रेख करने वालों का कहना है कि 100 की क्षमता है और 150 पशु रखे गए हैं। वहीं लोग भी कम हैं। ऐसे में उनकी देखभाल ठीक ढंग से नहीं हो पाती।
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जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने कहा कि आश्रय स्थल में पशुओं को पर्याप्त चारा दिया जा रहा है। अगर गोवंश की देख रेख ठीक ढंग से नहीं की जा रही है तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी।
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