Mirzapur: अतिक्रमण हटाने गढ़ौली धाम आश्रम पहुंचा बुलडोजर, हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई प्रक्रिया
मिर्जापुर के कछवा क्षेत्र में बन रहे गढ़ौली धाम आश्रम में रविवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। आरोप है कि धाम की चहारदीवारी के अंदर ग्राम समाज और कुछ किसानों की जमीन भी है।
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मिर्जापुर के कछवा क्षेत्र में बन रहे गढ़ौली धाम आश्रम में रविवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रशासन की ओर से बुलडोजर भेजा गया पर आश्रम के लोगों ने खुद ही अतिक्रमण हटवाना शुरू कर दिया। गड़ौली गांव में ओएस बाल मुकुंदन ट्रस्ट 108 फीट ऊंचा मंदिर और गोशाला का निर्माण करा रही है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी (काशी क्षेत्र) सुनील भाई ओझा हैं। आरोप है कि चहारदीवारी के अंदर ग्राम समाज और कुछ किसानों की जमीन भी है। गड़ौली के कमहरिया निवासी मृत्युंजय सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट की ओर से शनिवार को ग्राम समाज की जमीन खाली कराने का आदेश जिलाधिकारी के पास आया।
गोशाला, कुछ कमरे और टिन शेड को हटाया गया
जिलाधिकारी ने ग्राम समाज की जमीन चिह्नित कराकर खाली कराने का आदेश दिया। इसके बाद रविवार को राजस्व विभाग की टीम बुलडोजर लेकर गई लेकिन उसके पहले ही ग्राम समाज की जमीन पर बनी गोशाला, कुछ कमरे, टिन शेड ट्रस्ट की ओर से तोड़कर हटाए जाने लगे।
एसडीएम सदर चंद्रभानू सिंह ने रविवार का समय अतिक्रमण हटाने के लिए दिया और बुलडोजर वापस बुला लिया। एसडीएम सदर ने बताया कि गड़ौली के कमहरिया निवासी मृत्युंजय सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। ग्राम समाज की जमीन हम लोगों ने चिह्नित की है। इसे ट्रस्ट की ओर से खाली किया जा रहा है।
पिछले दिनों भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश के बाद काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश श्रीवास्तव ने सभी जिलाध्यक्षों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों को आदेश दिया था कि कोई भी पदाधिकारी गढ़ौली धाम नहीं जाएगा और न ही किसी प्रकार का वित्तीय सहयोग करेगा।
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सरकार के मंत्री भी नहीं जाएंगे गढ़ौली धाम आश्रम
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भी मिर्जापुर स्थित गढ़ौली धाम आश्रम नहीं जाएंगे। इसका साफ संदेश भाजपा ने दिया है। पार्टी सांसदों से भी दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि गढ़ौली धाम आश्रम में बीते दिनों कन्याओं के सामूहिक विवाह का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील भाई ओझा की ओर से सरकार के मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया।
भाजपा के शीर्ष नेताओं ने इस आयोजन को लेकर काशी क्षेत्र के नेताओं से फीडबैक लिया। फीडबैक के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दिया कि इस आयोजन से पार्टी व सरकार का कोई सरोकार नहीं है। लिहाजा, इसमें सरकार के मंत्रियों, विधायकों और पार्टी के पदाधिकारियों के जाने से गलत संदेश जा रहा है। संगठन की ओर से मंत्रियों को भी आश्रम में नहीं जाने का फरमान सुनाया गया है।
वाराणसी में कार्यकर्ताओं ने बनाई दूरी
भाजपा प्रदेश नेतृत्व के आदेश के बाद काशी क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने गढ़ौली धाम आश्रम से दूरी बना ली है। काशी क्षेत्र के कुछ भाजपा पदाधिकारी इस पर नजर भी बनाए हुए हैं कि पार्टी के फरमान के बाद भी कौन-कौन वहां जा रहा है।