{"_id":"66977c6fdf02f2435804c141","slug":"bjp-leaders-submitted-memorandum-to-cm-yogi-to-change-name-of-bhatauli-bridge-in-mirzapur-2024-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur: सीएम से भटौली पुल का नाम बदलने की मांग, विंध्याचल-अयोध्या के बीच रेल सेवा शुरू करने को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur: सीएम से भटौली पुल का नाम बदलने की मांग, विंध्याचल-अयोध्या के बीच रेल सेवा शुरू करने को सौंपा ज्ञापन
Wed, 17 Jul 2024 01:40 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 17 Jul 2024 01:40 PM IST
सार
मिर्जापुर के भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सीएम योगी से एक प्रतिनिधिमंडल मिला। उन्होंने सीएम योगी से भटौली पुल का नाम पं. राम किंकर उपाध्याय करने की मांग की। साथ ही
विंध्याचल- अयोध्या के बीच रेल सेवा शुरू करने को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सीएम योगी से मिला एक प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा जिलाध्यक्ष बृजभूषषण सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मिला। इस दौरान भटौली पुल का नाम मानस मर्मज्ञ पं. राम किंकर उपाध्याय के नाम पर करने, विंध्याचल- अयोध्या के बीच ट्रेन का संचालन शुरू करने तथा चुनार किले पर राजा भर्तृहरि विचार उद्यान बनवाने संबंधी ज्ञापन सौंपा। आधे घंटे तक हुई वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने विंध्य कारिडोर, मिर्जापुर के विकास व होने वाले उपचुनाव को लेकर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष राम कुमार विश्वकर्मा, जिला महामंत्री भाजपा दिनेश वर्मा शामिल रहे।
विज्ञापन
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विंध्य कॉरिडोर बनने के बाद से बढ़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए एक सीधी रेल सेवा विंध्याचल- लखनऊ- अयोध्या के बीच चलाने की मांग की। इससे विंध्याचल आने वाले भक्त सहजता से नैमिषारण्य व तीर्थराज अयोध्या का दर्शन कर सकें।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गंगा नदी पर निर्मित भटौली घाट सेतु का नाम महान विद्धान पं. राम किंकर उपाध्याय के नाम पर करने का अनुरोध किया। जिलाध्यक्ष ने ज्ञापन के जरिए कहा कि बरैनी तिराहे पर उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाए। इसके अलावा चुनार किले पर राजा भर्तृहरि विचार उद्यान बनवाने का भी अनुरोध किया।
विज्ञापन
ज्ञापन के जरिए कहा कि भारतीय संस्कृति में नाथ संप्रदाय व राजा भर्तृहरि द्वारा रचित शतकत्रयी (नीति शतक, श्रृंगारशतम व वैराग्य शतक) का अति विशिष्ट स्थान है। जिलाध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिले के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी और उसका लाभ पहुंचे इस पर जोर दिया।