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Mirzapur News: देवरीकला में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण के लिए हुआ भूमि पूजन
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देवरीकला में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भूमि पूजन करते उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह।-सोशल मीडिया।
- फोटो : 1
मिर्जापुर। ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए मड़िहान तहसील के देवरीकला में 10 करोड़ 56 लाख रुपये से तैयार हो रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को भूमि पूजन किया। इसके बाद किसान गोष्ठी का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इसमें विंध्याचल, वाराणसी और आजमगढ़ मंडल के करीब दो हजार किसानों ने हिस्सा लिया।
उद्यान मंत्री ने कहा कि केंद्र का निर्माण पूरा होने के बाद मिर्जापुर समेत प्रदेश और दूसरे राज्यों के किसानों को ड्रैगन फ्रूट की उन्नत प्रजातियों के पौधे उचित मूल्य पर मिल सकेंगे। इससे किसानों को नई फसल अपनाने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। मधुमक्खी पालन को भी लाभकारी बनाने पर जोर दिया। कहा कि न्यूजीलैंड में उत्पादित शहद भारत में करीब 25 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है, जबकि स्थानीय शहद का मूल्य लगभग 500 रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में उद्यान विभाग शहद की ब्रांडिंग कर उसे काशी हनी के नाम से बेचने की योजना तैयार कर रहा है, ताकि मधुमक्खी पालकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके। कार्यक्रम में उद्यान निदेशक वीपी राम, नोडल अधिकारी राजीव वर्मा, उप निदेशक उद्यान मेवाराम, उप निदेशक उद्यान केएम चौधरी, मंडल के विभिन्न जिलों के जिला उद्यान अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
पालीहाउस में जरबेरा की खेती से सालाना 15 से 18 लाख की आय
मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने उद्यान विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि उनके भाई ने उप निदेशक उद्यान मेवाराम के मार्गदर्शन में पालीहाउस स्थापित कर जरबेरा की खेती शुरू की। इससे उन्हें सालाना 15 से 18 लाख रुपये की आय हो रही है।
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उद्यान मंत्री ने कहा कि केंद्र का निर्माण पूरा होने के बाद मिर्जापुर समेत प्रदेश और दूसरे राज्यों के किसानों को ड्रैगन फ्रूट की उन्नत प्रजातियों के पौधे उचित मूल्य पर मिल सकेंगे। इससे किसानों को नई फसल अपनाने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। मधुमक्खी पालन को भी लाभकारी बनाने पर जोर दिया। कहा कि न्यूजीलैंड में उत्पादित शहद भारत में करीब 25 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है, जबकि स्थानीय शहद का मूल्य लगभग 500 रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में उद्यान विभाग शहद की ब्रांडिंग कर उसे काशी हनी के नाम से बेचने की योजना तैयार कर रहा है, ताकि मधुमक्खी पालकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके। कार्यक्रम में उद्यान निदेशक वीपी राम, नोडल अधिकारी राजीव वर्मा, उप निदेशक उद्यान मेवाराम, उप निदेशक उद्यान केएम चौधरी, मंडल के विभिन्न जिलों के जिला उद्यान अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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पालीहाउस में जरबेरा की खेती से सालाना 15 से 18 लाख की आय
मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने उद्यान विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि उनके भाई ने उप निदेशक उद्यान मेवाराम के मार्गदर्शन में पालीहाउस स्थापित कर जरबेरा की खेती शुरू की। इससे उन्हें सालाना 15 से 18 लाख रुपये की आय हो रही है।
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