{"_id":"5e63f2038ebc3ef3f9311ff3","slug":"bhawanipur-scandal-again-remembered-after-two-decades-mirzapur-news-vns514810191","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दशक बाद फिर याद आया भवानीपुर कांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दशक बाद फिर याद आया भवानीपुर कांड
विज्ञापन
मिर्जापुर। 19 वर्ष पूर्व नौ मार्च को होलिका दहन के दिन ही नक्सल प्रभावित राजगढ़ क्षेत्र के भवानीपुर में नक्सली और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें 16 नक्सली मारे गए थे। इस बार भी नौ मार्च को होलिका दहन होना है। तारीख और त्योहार एक ही दिन होने के चलते पुलिस ने इस बार भवानीपुर के साथ आस-पास के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यस्था की गई है। जिससे किसी प्रकार के नक्सली मुवमेंट होने पर पुलिस अपनी कार्रवाई कर सके। दो दशक बाद क्षेत्र में काफी संख्या में फोर्स आमद होने से गांव के लोगों की पुरानी यादें ताजा हो गई है।
नौ मार्च 2001 को होलिका दहन वाले दिन ही पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़ हुआ था। इसमें 16 नक्सली मारे गए थे। इस दिन को नक्सली शहादत के रूप में मनाते है। इस बार तारीख और त्योहार एक ही दिन पड़ने के चलते पुलिस प्रशासन चौकन्ना है। पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने स्थानीय थाना और चौकी पुलिस को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों से संवाद स्थापित करते रहे। किसी प्रकार की समस्या या कोई सूचना हो तो उच्चाधिकारी को अवगत कराएं। क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विवाद न हो इसे देखते हुए राजगढ़ चौकी प्रभारी योगेंद्र नाथ यादव ने अभी से कदम उठाने शुरू कर दिए है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष चौकसी की जा रही है। सादेवर्दी में खुफिया विभाग अभी से पूरी तरह से हर क्षेत्र में निगाह रखे हुए है। होलिका दहन वाले स्थानों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। राजगढ़ चौकी क्षेत्र में 27 स्थानों पर होलिका दहन होगा। उसमें लगभग चार स्थानों को संवेदनशील मानकर विशेष व्यवस्था की गई है। जिसमें भवानीपुर, चौखड़ा , धनसिरिया, कुड़ी आदि गांव आते हैं। जिसमें भवानीपुर गांव विशेष संवेदनशील माना गया है ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भवानीपुर में 19 वर्ष पहले नक्सली मुठभेड़ हुई थी। इस बार भी तारीख और त्योहार एक ही दिन है। इसलिए एहतियात के तौर पर भवानीपुर और आस-पास के नक्सल प्रभावित स्थानों पर विशेष सुरक्षा लगाई गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नौ मार्च 2001 को होलिका दहन वाले दिन ही पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़ हुआ था। इसमें 16 नक्सली मारे गए थे। इस दिन को नक्सली शहादत के रूप में मनाते है। इस बार तारीख और त्योहार एक ही दिन पड़ने के चलते पुलिस प्रशासन चौकन्ना है। पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने स्थानीय थाना और चौकी पुलिस को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों से संवाद स्थापित करते रहे। किसी प्रकार की समस्या या कोई सूचना हो तो उच्चाधिकारी को अवगत कराएं। क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विवाद न हो इसे देखते हुए राजगढ़ चौकी प्रभारी योगेंद्र नाथ यादव ने अभी से कदम उठाने शुरू कर दिए है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष चौकसी की जा रही है। सादेवर्दी में खुफिया विभाग अभी से पूरी तरह से हर क्षेत्र में निगाह रखे हुए है। होलिका दहन वाले स्थानों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। राजगढ़ चौकी क्षेत्र में 27 स्थानों पर होलिका दहन होगा। उसमें लगभग चार स्थानों को संवेदनशील मानकर विशेष व्यवस्था की गई है। जिसमें भवानीपुर, चौखड़ा , धनसिरिया, कुड़ी आदि गांव आते हैं। जिसमें भवानीपुर गांव विशेष संवेदनशील माना गया है ।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भवानीपुर में 19 वर्ष पहले नक्सली मुठभेड़ हुई थी। इस बार भी तारीख और त्योहार एक ही दिन है। इसलिए एहतियात के तौर पर भवानीपुर और आस-पास के नक्सल प्रभावित स्थानों पर विशेष सुरक्षा लगाई गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन