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प्रकृति के साथ बेहतर संतुलन जरूरी : प्रो एके त्यागी
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मिर्जापुर। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि मनुष्य की तमाम समस्याओं का समाधान स्वच्छ पर्यावरण और जैव विविधता में समाहित है। इसलिए अच्छे भविष्य एवं आने वाली पीढ़ी के कल्याण के लिए हमें प्रकृति के साथ बेहतर संतुलन बनाना जरूरी है।
वे शनिवार को केबी काॅलेज में पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उच्च शिक्षा निदेशालय की तरफ से आयोजित सेमिनार का उद्घाटन उन्होंने फीता काटकर किया। उन्होंने पर्यावरण तथा जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उसके महत्व पर प्रकाश डाला। काशी हिंदू विश्वविद्यालय केे वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एनके दुबे ने कहा कि आधुनिकीकरण के दौर में अंध विकास एवं लालच के चक्कर में मनुष्य प्राकृतिक तथा जैव विविधता को व्यापक रूप से प्रभावित कर रहा है। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रो. एआर सिद्दीकी ने भौतिक पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण से जैविक विविधता की सुरक्षा, नवीनीकरण के लिए पर्यावरण प्रबंधन को स्थायी फ्रेमवर्क के बारे में बारे जानकारी दी।
अध्यक्षता करते हुए डॉ. केए सिद्दीकी ने जैव विविधता संरक्षण से जैविक विविधता की सुरक्षा, नवीनीकरण और प्रबंधन के लिए स्थायी कारगर उपाय पर जोर दिया। प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने भी विचार व्यक्त किया। तकनीकी सत्र की आयोजक प्रो. नम्रता के निर्देशन में रिसोर्स पर्सन डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. अनुज सिंह, प्रांकुर आनंद और प्रतिभागियों के बीच संवाद हुआ। प्रो. वीना सिंह, प्रो. अरविंद मिश्र, प्रो.भवभूति मिश्र, प्रो. अमिताभ तिवारी, प्रो. ज्योतिश्वर मिश्र आदि मौजूद रहे। डॉ. हरीश तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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वे शनिवार को केबी काॅलेज में पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उच्च शिक्षा निदेशालय की तरफ से आयोजित सेमिनार का उद्घाटन उन्होंने फीता काटकर किया। उन्होंने पर्यावरण तथा जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उसके महत्व पर प्रकाश डाला। काशी हिंदू विश्वविद्यालय केे वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एनके दुबे ने कहा कि आधुनिकीकरण के दौर में अंध विकास एवं लालच के चक्कर में मनुष्य प्राकृतिक तथा जैव विविधता को व्यापक रूप से प्रभावित कर रहा है। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रो. एआर सिद्दीकी ने भौतिक पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण से जैविक विविधता की सुरक्षा, नवीनीकरण के लिए पर्यावरण प्रबंधन को स्थायी फ्रेमवर्क के बारे में बारे जानकारी दी।
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अध्यक्षता करते हुए डॉ. केए सिद्दीकी ने जैव विविधता संरक्षण से जैविक विविधता की सुरक्षा, नवीनीकरण और प्रबंधन के लिए स्थायी कारगर उपाय पर जोर दिया। प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने भी विचार व्यक्त किया। तकनीकी सत्र की आयोजक प्रो. नम्रता के निर्देशन में रिसोर्स पर्सन डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. अनुज सिंह, प्रांकुर आनंद और प्रतिभागियों के बीच संवाद हुआ। प्रो. वीना सिंह, प्रो. अरविंद मिश्र, प्रो.भवभूति मिश्र, प्रो. अमिताभ तिवारी, प्रो. ज्योतिश्वर मिश्र आदि मौजूद रहे। डॉ. हरीश तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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