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अयोध्या फैसलाः मां विंध्यवासिनी धाम में न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अटूट आस्था
Sun, 10 Nov 2019 02:15 PM IST
Trainee Trainee
जयेंद्र चतुर्वेदी, अमर उजाला, वाराणसी
जयेंद्र चतुर्वेदी, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 10 Nov 2019 02:15 PM IST
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जस्टिस अशोक भूषण
रामजन्मभूमि विवाद में शनिवार को ऐतिहासिक निर्णय देकर पांच सौ साल पुराने विवाद का पटाक्षेप करने वाले उच्चतम न्यायालय के संविधान पीठ के पंच परमेश्वरों में शामिल रहे जस्टिस अशोक भूषण की मां विंध्यवासिनी धाम में अटूट आस्था रही है। जिले में उनकी रिश्तेदारी भी है। इस वजह से उनको जिले में जानने वाले भी कई लोग हैं। शनिवार को फैसला आने के बाद परिचितों ने न्यायमूर्ति से जुड़ी बातें साझा कीं।
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चौधरी महादेव प्रताप डिग्री कॉलेज, प्रयागराज में साथ-साथ पढ़ाई करने वाले अधिवक्ता राकेश चंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि जस्टिस अशोक भूषण की विंध्यधाम में गहरी आस्था है। हर साल अष्टमी को वे दिन व्रत रखते हैं और दर्शन पूजन के लिए विंध्याचल धाम आते हैं।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति अशोक भूषण की छोटी बहन की शादी शहर के संकटमोचन मंदिर के समीप के वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. टीएन वर्मा के बेटे से हुई है। हालांकि उनकी बहन का परिवार प्रयागराज में ही रहता है, पर कई रिश्तेदार मिर्जापुर में ही रहते हैं।
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पूर्व अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और कमिश्नरी बार एसोसिएशन प्रेमकांत श्रीवास्तव ने कहा कि 26 जनवरी 2010 में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि का आतिथ्य उन्होंने स्वीकार किया था। वह केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति भी रह चुके हैं। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जुड़े रहे हैं।