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Mirzapur News: केबी कॉलेज में ओजोन दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम
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केबी कालेज में ओजोन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छात्राएं, सोशल मीडिया
मिर्जापुर। केबी पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग में बुधवार को विश्व ओजोन दिवस (ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस) पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
अध्यक्षता करते हुए भूगोल के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीतम कुमार सिंह ने कहा कि समताप मंडल में स्थित ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती हैं। यह परत मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह त्वचा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से रक्षा करती है।
मुख्य वक्ता प्रो. प्रभात सिंह ने वैश्विक प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मांट्रियल प्रोटोकॉल जैसे समझौतों और निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। ओजोन परत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। वैज्ञानिकों का अनुमानों है ओजोन परत आर्कटिक क्षेत्र में वर्ष 2045 तक और अंटार्कटिका में वर्ष 2066 तक सामान्य स्थिति में वापस आ जाएगी।
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संयोजक डॉ. अवनीश ने तकनीकी पक्षों को रेखांकित करते हुए कहा कि ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों का जीवनकाल काफी लंबा होता है। इस अवसर पर डॉ. किरण प्रकाश, डॉ. धनंजय सिंह सहित विभाग के समस्त प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संवाद
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अध्यक्षता करते हुए भूगोल के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीतम कुमार सिंह ने कहा कि समताप मंडल में स्थित ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती हैं। यह परत मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह त्वचा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से रक्षा करती है।
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मुख्य वक्ता प्रो. प्रभात सिंह ने वैश्विक प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मांट्रियल प्रोटोकॉल जैसे समझौतों और निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। ओजोन परत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। वैज्ञानिकों का अनुमानों है ओजोन परत आर्कटिक क्षेत्र में वर्ष 2045 तक और अंटार्कटिका में वर्ष 2066 तक सामान्य स्थिति में वापस आ जाएगी।
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संयोजक डॉ. अवनीश ने तकनीकी पक्षों को रेखांकित करते हुए कहा कि ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों का जीवनकाल काफी लंबा होता है। इस अवसर पर डॉ. किरण प्रकाश, डॉ. धनंजय सिंह सहित विभाग के समस्त प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संवाद