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पशु चिकित्साधिकारी समेत तीन पर गाज
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Sat, 27 Aug 2016 12:48 AM IST
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जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह शुक्रवार की दोपहर बाढ़ चौकी श्रीनिवासधाम और काशी सरपत्ती शिविर पर अचानक पहुंच गए। श्रीनिवासधाम बाढ़ चौकी पर कर्मचारियों की उपस्थिति कम होने तथा मौजूद कर्मचारियों के चौकी पर ही जमे रहने पर कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने अनुपस्थित रहे पशु चिकित्साधिकारी समेत तीन कर्मियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है।
तहसीलदार सदर आरपी सिंह एवं बीडीओ नीरज दूबे को भी डांटा। कहा कि आप लोग कोई निरीक्षण नहीं करते हैं। केवल खानापूर्ति करने का काम करते हैं। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कच्चा खाना शिविर के लोगों को खिलाने पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि शिविर में रहने वाले एक व्यक्ति पर खाने के लिए 65 रुपया खर्च किया जा रहा है। जिसमें उसे छह पूड़ी, सब्जी आदि खाद्य सामग्री देने को कहा गया है। फिर कच्चा खाना क्यों बना कर दिया जा रहा है, लेकिन जब वे काशी सरपत्ती शिविर में पहुंचे तो वहां के शरणनार्थियों कच्चे भोजन को ही सही ठहराया।
बताया कि पूड़ी प्रतिदिन खाने से नुकसान कर रहा है। इसलिए उन्हें कच्चा भोजन चावल दाल ही मुहैया कराया जाए जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इस पर जिलाधिकारी ने संस्तुष्टि जाहिर करते हुए कच्चा भोजन देने को ही निर्देश खंड विकास अधिकारी एवं तहसीलदार को दिया।
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ग्राम चेहरा में ग्राम प्रधान द्वारा भोजन बनवाए जाने का मामला प्रकाश में आया तो उन्होंने कहा कि जब यहां कोई राहत शिविर नहीं है तो फिर भोजन क्यों बनवाया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने बीडीओ व तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा है।
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तहसीलदार सदर आरपी सिंह एवं बीडीओ नीरज दूबे को भी डांटा। कहा कि आप लोग कोई निरीक्षण नहीं करते हैं। केवल खानापूर्ति करने का काम करते हैं। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कच्चा खाना शिविर के लोगों को खिलाने पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि शिविर में रहने वाले एक व्यक्ति पर खाने के लिए 65 रुपया खर्च किया जा रहा है। जिसमें उसे छह पूड़ी, सब्जी आदि खाद्य सामग्री देने को कहा गया है। फिर कच्चा खाना क्यों बना कर दिया जा रहा है, लेकिन जब वे काशी सरपत्ती शिविर में पहुंचे तो वहां के शरणनार्थियों कच्चे भोजन को ही सही ठहराया।
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बताया कि पूड़ी प्रतिदिन खाने से नुकसान कर रहा है। इसलिए उन्हें कच्चा भोजन चावल दाल ही मुहैया कराया जाए जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इस पर जिलाधिकारी ने संस्तुष्टि जाहिर करते हुए कच्चा भोजन देने को ही निर्देश खंड विकास अधिकारी एवं तहसीलदार को दिया।
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ग्राम चेहरा में ग्राम प्रधान द्वारा भोजन बनवाए जाने का मामला प्रकाश में आया तो उन्होंने कहा कि जब यहां कोई राहत शिविर नहीं है तो फिर भोजन क्यों बनवाया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने बीडीओ व तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा है।