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मिर्जापुर में पति की मौत के बाद पत्नी ने आग लगाकर जान दी

Fri, 23 Apr 2021 05:47 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 23 Apr 2021 05:47 PM IST
सार

 घर आते ही पत्नी बच्चों से बोले, पापा बाहर आए हैं, फिर कमरे में लगा ली आग
छानबे के वार्ड एक से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी थे विनोद पांडेय
 

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After death of husband, wife dies by setting fire in mirzapur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

मिर्जापुर के  विंध्याचल थाना क्षेत्र के गैपुरा गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी की शुक्रवार को बीमारी से मौत के बाद पत्नी ने भी आग लगाकर जान दे दी। 

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गैपुरा गांव निवासी विनोद कुुमार पांडेय (42) पं. श्रीकांत पांडेय बालिका इंटर कालेज के प्रबंधक और कांग्रेस पार्टी के ब्लाक अध्यक्ष थे। पंचायत चुनाव में वह छानबे के वार्ड एक से कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी थे। एक सप्ताह पूर्व उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनको नगर के नटवा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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शुक्रवार की दोपहर 12 बजे उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद परिजन उनको एंबुलेंस से मंडलीय अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ऑक्सीजन खत्म होने से उनकी मौत हो गई। एंबुलेंस के पीछे की गाड़ी में उनकी पत्नी और परिवार के सदस्य थे। परिजनों ने पत्नी मांडवी (38) को मौत की सूचना न देकर बताया कि प्रयागराज उपचार के लिए ले जाएंगे। इसके बाद गाड़ी घर की ओर जाने लगी।
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गाड़ी घर पहुंची तो बाहर लोगों की भीड़ जुटी थी, लोग रो रहे थे। यह देखकर पत्नी को पति की मौत का अंदेशा हो गया। एंबुलेंस से शव बाहर आने पर वह कमरे में गई। इसके बाद मांडवी ने कमरे में खुद को आग के हवाले कर दिया। कमरे से धुआं उठने पर लोग पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। इसके बाद मांडवी को उपचार के लिए वाराणसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।  

पांच बच्चे हो गए अनाथ 
जिगना। जिला पंचायत प्रत्याशी विनोद कुुमार पांडेय और उनकी पत्नी मांडवी की मौत के बाद पांच बच्चे अनाथ हो गए। उनके सभी बच्चे नाबालिग हैं। इसमें 17 वर्षीय कुमारी खुशी, 13 वर्षीय सृष्टि, 12 वर्षीय पलक, 10 वर्षीय पुत्र उत्कर्ष और नौ वर्षीय पुत्र किशन का रो-रोकर बुरा हाल है। विनोद कुमार पांडेय तीन भाइयों में बड़े थे। बड़े पुत्र और बहू की मौत से परिवार पर  विपत्ति का पहाड़ टूट पडा है। विनोद कुमार के पिता अधिवक्ता शेषधर पांडेय के आंसू नहीं रुक रहे हैं। शोक संवेदना व्यक्त करने और ढांढस बंधाने वाले घर पर पहुंचे रहे।

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