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Mirzapur News: मां विंध्यवासिनी मंदिर में जूता पहनकर जाने पर एडीओ कृषि निलंबित
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विंध्याचल। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी मंदिर में जूते-चप्पल पहनकर पहुंचने के तीन मामले सामने आए। एक श्रद्धालु चप्पल पहनकर मंदिर के गर्भगृह में दर्शन के लिए पहुंच गया। वहीं, जूते पहनकर मंदिर जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट व एडीओ कृषि प्रतीक कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मंदिर परिसर में एक सिपाही जूता पहने दिखाई दिया। इस पर नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने संबंधित को कड़ी फटकार लगाई। ये घटनाएं पूरे दिन सोशल मीडिया पर ट्रेंड करती रहीं।
पहली घटना भोर में मंगला आरती के आसपास की है। एक श्रद्धालु चप्पल पहनकर मंदिर के गर्भगृह में दर्शन के लिए पहुंच गया। दर्शनार्थी के साथ पुलिसकर्मी और तीर्थ पुरोहित भी थे, परंतु किसी का ध्यान दर्शनार्थी की चप्पल पर नहीं गया। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। इसी बीच, जूता पहनकर मंदिर परिसर में सेक्टर मजिस्ट्रेट व सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सिटी प्रतीक कुमार सिंह पहुंच गए। कुछ समय बाद एक सिपाही भी मंदिर में जूता पहने दिखाई दिया। इस पर लोगों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा सिपाही को खूब खरी-खोटी सुनाई। दोनों ने माफी मांगते हुए अपनी भूल को स्वीकार किया और मंदिर के नीचे उतर गए। बताया जा रहा है कि ड्यूटी स्थल छोड़कर सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने परिचित को दर्शन करवाने के लिए मंदिर गए थे। इस घटना का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने एडीएम शिव प्रताप शुक्ल को जांच सौंपी। उनकी जांच रिपोर्ट पर उप निदेशक कृषि विकेश पटेल ने एडीओ प्रतीक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इधर, लोगों का कहना है कि मंदिर से पहले कॉरिडोर परिपथ में जूते-चप्पल पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
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पहली घटना भोर में मंगला आरती के आसपास की है। एक श्रद्धालु चप्पल पहनकर मंदिर के गर्भगृह में दर्शन के लिए पहुंच गया। दर्शनार्थी के साथ पुलिसकर्मी और तीर्थ पुरोहित भी थे, परंतु किसी का ध्यान दर्शनार्थी की चप्पल पर नहीं गया। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। इसी बीच, जूता पहनकर मंदिर परिसर में सेक्टर मजिस्ट्रेट व सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सिटी प्रतीक कुमार सिंह पहुंच गए। कुछ समय बाद एक सिपाही भी मंदिर में जूता पहने दिखाई दिया। इस पर लोगों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा सिपाही को खूब खरी-खोटी सुनाई। दोनों ने माफी मांगते हुए अपनी भूल को स्वीकार किया और मंदिर के नीचे उतर गए। बताया जा रहा है कि ड्यूटी स्थल छोड़कर सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने परिचित को दर्शन करवाने के लिए मंदिर गए थे। इस घटना का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने एडीएम शिव प्रताप शुक्ल को जांच सौंपी। उनकी जांच रिपोर्ट पर उप निदेशक कृषि विकेश पटेल ने एडीओ प्रतीक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इधर, लोगों का कहना है कि मंदिर से पहले कॉरिडोर परिपथ में जूते-चप्पल पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
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