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Mirzapur News: कुछ ने मनाई खिचड़ी तो कुछ आज मनाएंगे मकर संक्रांति का पर्व
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मिर्जापुर। मकर संक्रांति पर्व को लेकर शनिवार को असमंजस की स्थिति रही। कुछ ने खिचड़ी मनाई तो अधिकांश शुभ मुहूर्त में रविवार को मकर संक्रांति मनाएंगे। कुछ लोगों ने शनिवार को संक्रांति मानकर गंगा स्नान किया और दान दिया। कमोवेश ग्रामीणांचलों में भी यही स्थिति रही।
नगर के बरियाघाट, कचहरीघाट, बाबाघाट, नारघाट, पक्काघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर शनिवार को दोपहर तक छिटपुट पुरुष, महिलाओं और बच्चों का झुंड देखा गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर मंदिरों में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। तत्पश्चात गुड़, तिल, खिचड़ी व अन्य खाद्य पदार्थ दान कर पुण्य का लाभ कमाया।
मकर संक्रांति को देखते हुए रैदानी कालोनी स्थित श्रीताड़केश्वर महादेव का भव्य शृंगार किया गया था। सुबह से दर्शन-पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। महंत शिवमंगल गिरी ने बताया रविवार को भी महादेव का शृंगार किया जाएगा। शेरवां, शनिवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाने पर असमंजस की स्थिति बरकरार रही। जिस तरह से रक्षाबंधन का पर्व दो दिन मनाया गया। ठीक उसी प्रकार खिचडी के पर्व को लेकर स्थित बनीं रही। शनिवार की सुबह से ही ग्रामीण गांव के पुरोहितों एवं कैलेंडर पंचाग पर नजर डाले रहे। जिन्होंने शनिवार व रविवार दोनों दिन मकर संक्रांति मनाने के बारे में बताया। तो गांव के बुजुर्गों ने बताया कि रविवार को किसी भी परिस्थिति में खिचड़ी बना कर खाना शुभ नहीं माना जाता है। खिचड़ी शनिवार को बना कर खाने में स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सिद्ध होता है। जिसका वैज्ञानिक व अध्यात्मिक मान्यता भी है।
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मान्यताओं के अनुसार 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति खिचड़ी का पर्व मनाने की परंपरा रही है। कर्मकांडी पं. राम जी त्रिपाठी ने बताया कि सूर्यदेव शनिवार की रात को आठ बजकर 20 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। इसलिए मकर संक्रांति का पुण्यकाल रविवार को सुबह 6 बजकर 48 मिनट पर आरंभ होगा। जिसका अंत सायंकाल 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। इसलिए उदया तिथि के अनुसार मकर संक्रांति पर्व रविवार को ही मनाना ठीक होगा। जिगना, मकर संक्रांति की मान्यता दो दिन होने के बावजूद शनिवार को सुबह से ही हरगढ़, नीबीगहरवार, गोगांव, चेहरा, नौगांव, जोपा, नदिनी, चड़ैचा, भिलगौर, गौरा, कोठरामिश्रान, डंगहर, दुगौली व मिश्रपुर आदि गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का स्नान करने का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। भक्तों ने गंगा स्नान करने के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन व परंपरा के अनुसार गुड़, तिल, खिचड़ी व अन्य खाद्य पदार्थ का दान किया।
जिगना। मकर संक्रांति पर क्षेत्र रके नीबी गहरवार, बंगलाघाट व जनपद के सीमा बामपुर में विशाल मेला का आयोजन किया गया
शनिवार को मेले में बच्चों के लिए खिलौना, घरेलू उपयोग की बस्तुएं, मिट्टी के बर्तन, सौंदर्य प्रशाधन के अलावा चाट और फुल्की आदि की दुकने सजीं रहीं। पुरुष, महिलाएं और बच्चों ने मेला का भ्रमण कर अपने जरुरत के सामानों की खरीदारी में जुटे रहे। नीबीगहरवार में अगले दिन महिलाओं का मेला आयोजित किया जाएगा। घाटों पर साफ सफाई व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनाती की गई थी।
मिर्जापुर। मकर संक्रांति का पर्व दो दिन मनाए जाने से बाजार गहमागहमी रही। शनिवार को भी नगर सहित अन्य बाजारों में गुड़, चीनी से चीजों और लाई चिउड़ा की खरीदारी हुई।
नगर के वासलीगंज, घंटाघर, रामबाग, सिविल लाइन, रमईपट्टी, महुवरिया, तेलियागंज, लालडिग्गी, सहित संगमोहाल आदि बाजारों में सड़क की पटरियां लाई, ढुंढा, गुड़ व चीनी से बने बादाम पट्टी, तिल पट़्टी, गजक आदि की खूब बिक्री हुई। सुबह से लेकर देर शाम तक ऐसे दुकानों पर ग्राहकों का चहल-पहल बना रहने से दुकानदारों के चेहरे भी खुशी से खिले रहे।
मिर्जापुर। मकर संक्रांति पर शनिवार को आसमान में रंग-बिरंगी पतंग हवा लहराते रहे। खुले मैदान अथवा छतों पर सुबह से एक दूसरे का पतंग काटने की युवा और बच्चों में दिनभर होड़ मची रही।
नगर के तुलसी चौक, पेहटी चौराहा, पक्की सरैया, मुकेरी बाजार, घंटाघर सहित अन्य स्थानों पर रंग-बिरंगी पतंग से दुकानें सजीं रही। बच्चों को कार्टून वाली पतंग भा रहे थे तो युवा नववर्ष, योगी-मोदी वाली पतंग पसंद कर रहे थे। रोक के बावजूद पतंग की दुकानों पर चाइनीज मंझे की बिक्री की जा रही थी। पतंगबाजी के शौकिन युवा और बच्चों द्वारा ऐसे ही मंझे की मांग रही।
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नगर के बरियाघाट, कचहरीघाट, बाबाघाट, नारघाट, पक्काघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर शनिवार को दोपहर तक छिटपुट पुरुष, महिलाओं और बच्चों का झुंड देखा गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर मंदिरों में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। तत्पश्चात गुड़, तिल, खिचड़ी व अन्य खाद्य पदार्थ दान कर पुण्य का लाभ कमाया।
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मकर संक्रांति को देखते हुए रैदानी कालोनी स्थित श्रीताड़केश्वर महादेव का भव्य शृंगार किया गया था। सुबह से दर्शन-पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। महंत शिवमंगल गिरी ने बताया रविवार को भी महादेव का शृंगार किया जाएगा। शेरवां, शनिवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाने पर असमंजस की स्थिति बरकरार रही। जिस तरह से रक्षाबंधन का पर्व दो दिन मनाया गया। ठीक उसी प्रकार खिचडी के पर्व को लेकर स्थित बनीं रही। शनिवार की सुबह से ही ग्रामीण गांव के पुरोहितों एवं कैलेंडर पंचाग पर नजर डाले रहे। जिन्होंने शनिवार व रविवार दोनों दिन मकर संक्रांति मनाने के बारे में बताया। तो गांव के बुजुर्गों ने बताया कि रविवार को किसी भी परिस्थिति में खिचड़ी बना कर खाना शुभ नहीं माना जाता है। खिचड़ी शनिवार को बना कर खाने में स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सिद्ध होता है। जिसका वैज्ञानिक व अध्यात्मिक मान्यता भी है।
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मान्यताओं के अनुसार 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति खिचड़ी का पर्व मनाने की परंपरा रही है। कर्मकांडी पं. राम जी त्रिपाठी ने बताया कि सूर्यदेव शनिवार की रात को आठ बजकर 20 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। इसलिए मकर संक्रांति का पुण्यकाल रविवार को सुबह 6 बजकर 48 मिनट पर आरंभ होगा। जिसका अंत सायंकाल 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। इसलिए उदया तिथि के अनुसार मकर संक्रांति पर्व रविवार को ही मनाना ठीक होगा। जिगना, मकर संक्रांति की मान्यता दो दिन होने के बावजूद शनिवार को सुबह से ही हरगढ़, नीबीगहरवार, गोगांव, चेहरा, नौगांव, जोपा, नदिनी, चड़ैचा, भिलगौर, गौरा, कोठरामिश्रान, डंगहर, दुगौली व मिश्रपुर आदि गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का स्नान करने का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। भक्तों ने गंगा स्नान करने के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन व परंपरा के अनुसार गुड़, तिल, खिचड़ी व अन्य खाद्य पदार्थ का दान किया।
जिगना। मकर संक्रांति पर क्षेत्र रके नीबी गहरवार, बंगलाघाट व जनपद के सीमा बामपुर में विशाल मेला का आयोजन किया गया
शनिवार को मेले में बच्चों के लिए खिलौना, घरेलू उपयोग की बस्तुएं, मिट्टी के बर्तन, सौंदर्य प्रशाधन के अलावा चाट और फुल्की आदि की दुकने सजीं रहीं। पुरुष, महिलाएं और बच्चों ने मेला का भ्रमण कर अपने जरुरत के सामानों की खरीदारी में जुटे रहे। नीबीगहरवार में अगले दिन महिलाओं का मेला आयोजित किया जाएगा। घाटों पर साफ सफाई व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनाती की गई थी।
मिर्जापुर। मकर संक्रांति का पर्व दो दिन मनाए जाने से बाजार गहमागहमी रही। शनिवार को भी नगर सहित अन्य बाजारों में गुड़, चीनी से चीजों और लाई चिउड़ा की खरीदारी हुई।
नगर के वासलीगंज, घंटाघर, रामबाग, सिविल लाइन, रमईपट्टी, महुवरिया, तेलियागंज, लालडिग्गी, सहित संगमोहाल आदि बाजारों में सड़क की पटरियां लाई, ढुंढा, गुड़ व चीनी से बने बादाम पट्टी, तिल पट़्टी, गजक आदि की खूब बिक्री हुई। सुबह से लेकर देर शाम तक ऐसे दुकानों पर ग्राहकों का चहल-पहल बना रहने से दुकानदारों के चेहरे भी खुशी से खिले रहे।
मिर्जापुर। मकर संक्रांति पर शनिवार को आसमान में रंग-बिरंगी पतंग हवा लहराते रहे। खुले मैदान अथवा छतों पर सुबह से एक दूसरे का पतंग काटने की युवा और बच्चों में दिनभर होड़ मची रही।
नगर के तुलसी चौक, पेहटी चौराहा, पक्की सरैया, मुकेरी बाजार, घंटाघर सहित अन्य स्थानों पर रंग-बिरंगी पतंग से दुकानें सजीं रही। बच्चों को कार्टून वाली पतंग भा रहे थे तो युवा नववर्ष, योगी-मोदी वाली पतंग पसंद कर रहे थे। रोक के बावजूद पतंग की दुकानों पर चाइनीज मंझे की बिक्री की जा रही थी। पतंगबाजी के शौकिन युवा और बच्चों द्वारा ऐसे ही मंझे की मांग रही।