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सदस्याें ने बीडीओ को दिया अल्टीमेटम
Mirzapur
Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
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राजगढ़। ब्लाक मुख्यालय पर शुक्रवार को 65 बीडीसी सदस्यों ने अपना हस्ताक्षरयुक्त 10 सूत्री ज्ञापन खंड विकास अधिकारी सरिता सिंह को सौंपकर अपनी मांग रखी। सदस्यों ने कहा कि सरकार द्वारा राजगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए जो धन मंजूर किया गया था, वह कितना व्यय किया गया तथा कितना अभी शेष है, इसको सदस्याें को अवगत कराया जाए।
बीडीसी सदस्याें ने सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि क्षेत्र पंचायत सदस्याें की अनदेखी करते हुए जो मनमाने तरीके से कार्य कराया जा रहा है, उसे तत्काल बंद किया जाए। जनता ने जो प्रथम वरीयता के आधार पर जो कार्य की सूची दी है, उस पर कार्य न कराकर मनमाने ढंग से कार्य हो रहा है, उस पर तत्काल रोक लगाई जाए। बीडीसी सदस्याें की उपेक्षा की जा रही है। बीडीसी सदस्याें ने ज्ञापन के माध्यम से पांच प्रश्न पूछे और उसके जवाब पंद्रह दिन के अंदर दिए जाने की बात कही है। बीडीसी सदस्याें ने कहा है कि मांगाें और प्रश्नों का उत्तर 15 दिन के अंदर नहीं दिया गया तो सत्याग्रह आंदोलन को बाध्य हाेंगे। ज्ञापन के माध्यम से जो प्रश्न रखे गए उसमें राजगढ़ के विकास कार्य में कितना धन मंजूर किया गया, कितना व्यय किया गया। आशा देवी, राजेंद्र प्रसाद, निर्मला देवी, रामरति, फूलवंती, पूनम, गीता, अशोका देवी, गंगाजलि, जोखन राम, बच्चे लाल, जंग बहादुर, रामराज सिंह, गोपाल, राम दुलार आदि रहे।
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बीडीसी सदस्याें ने सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि क्षेत्र पंचायत सदस्याें की अनदेखी करते हुए जो मनमाने तरीके से कार्य कराया जा रहा है, उसे तत्काल बंद किया जाए। जनता ने जो प्रथम वरीयता के आधार पर जो कार्य की सूची दी है, उस पर कार्य न कराकर मनमाने ढंग से कार्य हो रहा है, उस पर तत्काल रोक लगाई जाए। बीडीसी सदस्याें की उपेक्षा की जा रही है। बीडीसी सदस्याें ने ज्ञापन के माध्यम से पांच प्रश्न पूछे और उसके जवाब पंद्रह दिन के अंदर दिए जाने की बात कही है। बीडीसी सदस्याें ने कहा है कि मांगाें और प्रश्नों का उत्तर 15 दिन के अंदर नहीं दिया गया तो सत्याग्रह आंदोलन को बाध्य हाेंगे। ज्ञापन के माध्यम से जो प्रश्न रखे गए उसमें राजगढ़ के विकास कार्य में कितना धन मंजूर किया गया, कितना व्यय किया गया। आशा देवी, राजेंद्र प्रसाद, निर्मला देवी, रामरति, फूलवंती, पूनम, गीता, अशोका देवी, गंगाजलि, जोखन राम, बच्चे लाल, जंग बहादुर, रामराज सिंह, गोपाल, राम दुलार आदि रहे।
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