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जमालपुर ब्लाक का हाल
Mirzapur
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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जमालपुर। विकास खंड जमालपुर में स्वच्छ पानी की लिए ग्रामीण भटकने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश सरकारी हैंडपंप जलस्तर खिसकने के कारण पानी देना बंद कर दिए हैं, वहीं सैकड़ों की संख्या में रिबोर की बाट जोह रहे हैं। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए विगत दिनों मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देश का अधिकारी कोई अनुपालन नहीं कर रहे हैं,जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
जमालपुर ब्लाक के ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश हैंडपंप दूषित एवं कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों के हलक की प्यास नहीं बुझ पा रही है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो विकास खंड जमालपुर के 93 ग्राम पंचायतों में कुल 2031 हैंडपंप लगे हुए हैं, और 304 हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं। जबकि क्षेत्र में ऐसा कोई ग्राम पंचायत नहीं होगा, जिसमें एक या दो हैंडपंप खराब न हो। खराब पड़े हैंडपंपाें को ठीक न कराए जाने से क्षेत्र में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। यही हाल कुंओं का भी है। ब्लाक क्षेत्र में 2195 कुएं हैं,जिसमें 94 कुएं सूख चुके तथा दर्जनों कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं तथा तालाबों की कुल संख्या 288 है, जिसमें पचास तालाब सूख चुके हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र में गिने-चुने ही तालाबों हैं, जिसमें पानी उपलब्ध है। इस संदर्भ में सहायक पंचायत विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद गावड़े ने बताया कि जो हैंडपंप खराब पड़े हुए उसको तत्काल ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान बनवाकर ग्रामीणों को शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराएं, अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जमालपुर ब्लाक में सिंचाई के लिए तो नहरों एवं नदियों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन वर्तमान समय में किसी नदी-नहरों में पानी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण पशुओं के हलक की प्यास भी नहीं बुझ पा रही है, जबकि विगत दिनों मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि अपने-अपने क्षेत्रों की पेयजल समस्या को अविलंब दूर करा लें, लेकिन उनके निर्देश का कोई पालन नहीं किया जा रहा है।
रिबोर की बाट जोह रहे हैं 304 हैंडपंप
94 कुंए और 50 तालाब भी सूखे
स्वच्छ पानी के लिए भटक रहे हैं लोग
मंडलायुक्त के आदेश को नजरअंदाज कर रहे हैं अधिकारी
संवाददाता
जमालपुर। विकास खंड जमालपुर में स्वच्छ पानी की लिए ग्रामीण भटकने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश सरकारी हैंडपंप जलस्तर खिसकने के कारण पानी देना बंद कर दिए हैं, वहीं सैकड़ों की संख्या में रिबोर की बाट जोह रहे हैं। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए विगत दिनों मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देश का अधिकारी कोई अनुपालन नहीं कर रहे हैं,जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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जमालपुर ब्लाक के ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश हैंडपंप दूषित एवं कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों के हलक की प्यास नहीं बुझ पा रही है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो विकास खंड जमालपुर के 93 ग्राम पंचायतों में कुल 2031 हैंडपंप लगे हुए हैं, और 304 हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं। जबकि क्षेत्र में ऐसा कोई ग्राम पंचायत नहीं होगा, जिसमें एक या दो हैंडपंप खराब न हो। खराब पड़े हैंडपंपाें को ठीक न कराए जाने से क्षेत्र में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। यही हाल कुंओं का भी है। ब्लाक क्षेत्र में 2195 कुएं हैं,जिसमें 94 कुएं सूख चुके तथा दर्जनों कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं तथा तालाबों की कुल संख्या 288 है, जिसमें पचास तालाब सूख चुके हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र में गिने-चुने ही तालाबों हैं, जिसमें पानी उपलब्ध है। इस संदर्भ में सहायक पंचायत विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद गावड़े ने बताया कि जो हैंडपंप खराब पड़े हुए उसको तत्काल ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान बनवाकर ग्रामीणों को शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराएं, अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जमालपुर ब्लाक में सिंचाई के लिए तो नहरों एवं नदियों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन वर्तमान समय में किसी नदी-नहरों में पानी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण पशुओं के हलक की प्यास भी नहीं बुझ पा रही है, जबकि विगत दिनों मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि अपने-अपने क्षेत्रों की पेयजल समस्या को अविलंब दूर करा लें, लेकिन उनके निर्देश का कोई पालन नहीं किया जा रहा है।
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जमालपुर ब्लाक के ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश हैंडपंप दूषित एवं कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों के हलक की प्यास नहीं बुझ पा रही है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो विकास खंड जमालपुर के 93 ग्राम पंचायतों में कुल 2031 हैंडपंप लगे हुए हैं, और 304 हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं। जबकि क्षेत्र में ऐसा कोई ग्राम पंचायत नहीं होगा, जिसमें एक या दो हैंडपंप खराब न हो। खराब पड़े हैंडपंपाें को ठीक न कराए जाने से क्षेत्र में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। यही हाल कुंओं का भी है। ब्लाक क्षेत्र में 2195 कुएं हैं,जिसमें 94 कुएं सूख चुके तथा दर्जनों कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं तथा तालाबों की कुल संख्या 288 है, जिसमें पचास तालाब सूख चुके हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र में गिने-चुने ही तालाबों हैं, जिसमें पानी उपलब्ध है। इस संदर्भ में सहायक पंचायत विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद गावड़े ने बताया कि जो हैंडपंप खराब पड़े हुए उसको तत्काल ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान बनवाकर ग्रामीणों को शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराएं, अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जमालपुर ब्लाक में सिंचाई के लिए तो नहरों एवं नदियों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन वर्तमान समय में किसी नदी-नहरों में पानी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण पशुओं के हलक की प्यास भी नहीं बुझ पा रही है, जबकि विगत दिनों मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि अपने-अपने क्षेत्रों की पेयजल समस्या को अविलंब दूर करा लें, लेकिन उनके निर्देश का कोई पालन नहीं किया जा रहा है।
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रिबोर की बाट जोह रहे हैं 304 हैंडपंप
94 कुंए और 50 तालाब भी सूखे
स्वच्छ पानी के लिए भटक रहे हैं लोग
मंडलायुक्त के आदेश को नजरअंदाज कर रहे हैं अधिकारी
संवाददाता
जमालपुर। विकास खंड जमालपुर में स्वच्छ पानी की लिए ग्रामीण भटकने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश सरकारी हैंडपंप जलस्तर खिसकने के कारण पानी देना बंद कर दिए हैं, वहीं सैकड़ों की संख्या में रिबोर की बाट जोह रहे हैं। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए विगत दिनों मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देश का अधिकारी कोई अनुपालन नहीं कर रहे हैं,जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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जमालपुर ब्लाक के ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश हैंडपंप दूषित एवं कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों के हलक की प्यास नहीं बुझ पा रही है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो विकास खंड जमालपुर के 93 ग्राम पंचायतों में कुल 2031 हैंडपंप लगे हुए हैं, और 304 हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं। जबकि क्षेत्र में ऐसा कोई ग्राम पंचायत नहीं होगा, जिसमें एक या दो हैंडपंप खराब न हो। खराब पड़े हैंडपंपाें को ठीक न कराए जाने से क्षेत्र में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। यही हाल कुंओं का भी है। ब्लाक क्षेत्र में 2195 कुएं हैं,जिसमें 94 कुएं सूख चुके तथा दर्जनों कीचड़युक्त पानी दे रहे हैं तथा तालाबों की कुल संख्या 288 है, जिसमें पचास तालाब सूख चुके हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र में गिने-चुने ही तालाबों हैं, जिसमें पानी उपलब्ध है। इस संदर्भ में सहायक पंचायत विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद गावड़े ने बताया कि जो हैंडपंप खराब पड़े हुए उसको तत्काल ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान बनवाकर ग्रामीणों को शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराएं, अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जमालपुर ब्लाक में सिंचाई के लिए तो नहरों एवं नदियों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन वर्तमान समय में किसी नदी-नहरों में पानी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण पशुओं के हलक की प्यास भी नहीं बुझ पा रही है, जबकि विगत दिनों मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि अपने-अपने क्षेत्रों की पेयजल समस्या को अविलंब दूर करा लें, लेकिन उनके निर्देश का कोई पालन नहीं किया जा रहा है।