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फिर खुली यात्रियों के सुरक्षा की पोल
Mirzapur
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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विंध्याचल। ट्रेन की बोगी पलट जाए और उसमें दबकर जबतक यात्री मरे नहीं तबतक रेलवे के लिए कोई हादसा मायने नहीं रखता। कम से कम रेलवे के स्थानीय अधिकारियों की भाषा तो यही कहती है। सोमवार की देर शाम भागलपुर से सूरत जा रही ताप्ती गंगा एक्सप्रेस की बोगी से करीब दो सौ यात्री जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से अष्टभुजा-बिरोही के बीच कूद पड़े तब भी रेलवे के स्थानीय अधिकारी इसे मामूली सी बात कहकर घटना से पल्ला झाड़ने में जुटे रहे।
9048 भागलपुुर सूरत जाने वाली (ताप्ती गंगा एक्सप्रेस) ट्रेन विंध्याचल रेलवे स्टेशन से सोमवार की रात आठ बज कर नौ मिनट पर रवाना हुई थी। ट्रेन जैसे ही अष्टभुजा पहाड़ी के पास पहुंची उसी दौरान जनरल बोगी में धुअंा और गंध निकलने लगी। इस पर डिब्बे में बैठे यात्रियाें में अफरा-तफरी मच गई। लोग आग-आग चिल्लाकर इधर-उधर दौड़ने लगे। शोरगुल ट्रेन की दूसरी बोगी में बैठे यात्रियों ने भी सुना और उसके बाद तो आग की अफवाह पूरी ट्रेन में दौड़ गई।
इसी बीच कुछ यात्री चेनपुलिंग कर ट्रेन को रोकने की कोशिश करने लगे। ट्रेन की रफ्तार जैसे ही कुछ धीमी हुई तो लोगों ने जान बचाने के लिए अंधेरे में कूदना शुरू कर दिया। अफवाह इस कदर फैली थी की कोई कुछ सुनने व समझने को तैयार ही नहीं था। जिस सामान्य बोगी में एसिड भरा ड्रम पलटा था उससे तो बड़ी संख्या में यात्री कूदे ही अगल-बगल की बोगियों से भी कई दर्जन यात्री एक-दूसरे पर धड़ाधड़ कूद पड़े। ट्रेन की रफ्तार थम चुकी थी इसलिए यात्रियों को ज्यादा चोटें नहीं आई लेकिन यदि दूसरी तरफ से भी कोई ट्रेन आती जाती तो हादसा कितना भयावह होता जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती।
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बता दें कि हमेशा की तरह सोमवार की रात में भी ग्रामीण ही रेल यात्रियों के काम आए। ग्रामीण तत्काल मदद में पहुंचे साथ ही रेलवे व विंध्याचल पुलिस को भी खबर की। सूचना मिलते ही चौकी इंचाई जीआरपी ने घटना की जानकारी विंध्याचल थाने पर देते हुए मिर्जापुर जीआरपी व आरपीएफ को भी सूचना दी। सूचना पर भारी संख्या में पहुंची पुलिस फोर्स ने ट्रेन को बिरोही स्टेशन पर ले जाकर खड़ी कराया और पूरी ट्रेन को खंगाला। तलाशी लेने पर पता चला कि ट्रेन की जनरल बोगी में कोई व्यक्ति द्वारा एक ड्रम में एसीड ले जा रहा था। जो किसी व्यक्ति की पैर की टक्कर लगने से गिर गया। जिसके कारण बोगी में गंध के साथ धुअंा भी फैल गया था। इसी कारण बोगी में आग लगने अफवाह फैल गई है जिसके बाद यात्री ट्रेन की चेनपुलिंग कर धड़ाधड़ कूदते गए।
विंध्याचल जीआरपी चौकी इंचार्ज का कहना है कि आग की सूचना पर लगभग दो सौ यात्री कूदे थे। आरपीएफ कंपनी कमांडर चमन सिंह तोमर का कहना कि केमिकल टाइप के पदार्थ जलने की सूचना से लोगों में हड़कंप मच गया। आग लगने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने घायलों में से कुछ यात्रियों का नाम भी बताया है। उनमें रमेश(35) बक्तीयारपुर बिहार, आशीष (32) जमुई बिहार, छिपुरीनाथ (28) लखीसराय बिहार शामिल है।
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9048 भागलपुुर सूरत जाने वाली (ताप्ती गंगा एक्सप्रेस) ट्रेन विंध्याचल रेलवे स्टेशन से सोमवार की रात आठ बज कर नौ मिनट पर रवाना हुई थी। ट्रेन जैसे ही अष्टभुजा पहाड़ी के पास पहुंची उसी दौरान जनरल बोगी में धुअंा और गंध निकलने लगी। इस पर डिब्बे में बैठे यात्रियाें में अफरा-तफरी मच गई। लोग आग-आग चिल्लाकर इधर-उधर दौड़ने लगे। शोरगुल ट्रेन की दूसरी बोगी में बैठे यात्रियों ने भी सुना और उसके बाद तो आग की अफवाह पूरी ट्रेन में दौड़ गई।
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इसी बीच कुछ यात्री चेनपुलिंग कर ट्रेन को रोकने की कोशिश करने लगे। ट्रेन की रफ्तार जैसे ही कुछ धीमी हुई तो लोगों ने जान बचाने के लिए अंधेरे में कूदना शुरू कर दिया। अफवाह इस कदर फैली थी की कोई कुछ सुनने व समझने को तैयार ही नहीं था। जिस सामान्य बोगी में एसिड भरा ड्रम पलटा था उससे तो बड़ी संख्या में यात्री कूदे ही अगल-बगल की बोगियों से भी कई दर्जन यात्री एक-दूसरे पर धड़ाधड़ कूद पड़े। ट्रेन की रफ्तार थम चुकी थी इसलिए यात्रियों को ज्यादा चोटें नहीं आई लेकिन यदि दूसरी तरफ से भी कोई ट्रेन आती जाती तो हादसा कितना भयावह होता जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती।
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बता दें कि हमेशा की तरह सोमवार की रात में भी ग्रामीण ही रेल यात्रियों के काम आए। ग्रामीण तत्काल मदद में पहुंचे साथ ही रेलवे व विंध्याचल पुलिस को भी खबर की। सूचना मिलते ही चौकी इंचाई जीआरपी ने घटना की जानकारी विंध्याचल थाने पर देते हुए मिर्जापुर जीआरपी व आरपीएफ को भी सूचना दी। सूचना पर भारी संख्या में पहुंची पुलिस फोर्स ने ट्रेन को बिरोही स्टेशन पर ले जाकर खड़ी कराया और पूरी ट्रेन को खंगाला। तलाशी लेने पर पता चला कि ट्रेन की जनरल बोगी में कोई व्यक्ति द्वारा एक ड्रम में एसीड ले जा रहा था। जो किसी व्यक्ति की पैर की टक्कर लगने से गिर गया। जिसके कारण बोगी में गंध के साथ धुअंा भी फैल गया था। इसी कारण बोगी में आग लगने अफवाह फैल गई है जिसके बाद यात्री ट्रेन की चेनपुलिंग कर धड़ाधड़ कूदते गए।
विंध्याचल जीआरपी चौकी इंचार्ज का कहना है कि आग की सूचना पर लगभग दो सौ यात्री कूदे थे। आरपीएफ कंपनी कमांडर चमन सिंह तोमर का कहना कि केमिकल टाइप के पदार्थ जलने की सूचना से लोगों में हड़कंप मच गया। आग लगने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने घायलों में से कुछ यात्रियों का नाम भी बताया है। उनमें रमेश(35) बक्तीयारपुर बिहार, आशीष (32) जमुई बिहार, छिपुरीनाथ (28) लखीसराय बिहार शामिल है।