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मिर्जापुर जेल में कैदी की मौत, हंगामा
Mirzapur
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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मिजापुर। जिला जेल में मंगलवार की रात एक सजायाफ्ता कैदी की अचानक तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई। उसका समय से उपचार न कराने का जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए बंदियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने करीब 11 घंटे तक शव को उठाने नहीं दिया। डीआईजी जेल और डीएम के पहुंचने पर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। जेल अधीक्षक के अनुसार कैदी की मौत ब्रेन हेमरेज के चलते हुई है। उस वक्त कारागार चिकित्सक इलाहाबाद गए थे, इसके चलते इलाज में देरी हुई।
चुनार कोतवाली क्षेत्र के रामगढ कलां गांव के शिवमुरत यादव का पुत्र बब्बन (35) बैरक नंबर चार में बंद था। उसे हत्या के मामले में 30 अक्तूबर 2011 को सजा सुनाई गई थी। मंगलवार की शाम सात बजे से ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। बैरक के अन्य बंदियाें का कहना है कि इसकी जानकारी बंदी रक्षक के माध्यम से जेलर तक भिजवाई गई। लेकिन इलाज नहीं शुरू हुआ। इस बीच रात करीब 11 बजे बब्बन की मौत हो गई। इस पर अन्य बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मृत बंदी के परिजनों को मुआवजा देने से पहले जेल अधीक्षक और जेलर को लाश उठवाने से रोक दिया। स्थिति बिगड़ती देख जेल अधीक्षक ने डीआईजी वीके जैन व जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस समेत जिले के आला अफसरों को सूचना दे दी। बुधवार की सुबह करीब छह बजे इलाहाबाद जेल परिक्षेत्र के डीआईजी पहुंचे। तब तक जिले के अफसरान भी पहुंच गए थे। डीएम के आश्वासन पर बंदियों ने शव को पंचनामा के लिए ले जाने दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।
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चुनार कोतवाली क्षेत्र के रामगढ कलां गांव के शिवमुरत यादव का पुत्र बब्बन (35) बैरक नंबर चार में बंद था। उसे हत्या के मामले में 30 अक्तूबर 2011 को सजा सुनाई गई थी। मंगलवार की शाम सात बजे से ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। बैरक के अन्य बंदियाें का कहना है कि इसकी जानकारी बंदी रक्षक के माध्यम से जेलर तक भिजवाई गई। लेकिन इलाज नहीं शुरू हुआ। इस बीच रात करीब 11 बजे बब्बन की मौत हो गई। इस पर अन्य बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मृत बंदी के परिजनों को मुआवजा देने से पहले जेल अधीक्षक और जेलर को लाश उठवाने से रोक दिया। स्थिति बिगड़ती देख जेल अधीक्षक ने डीआईजी वीके जैन व जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस समेत जिले के आला अफसरों को सूचना दे दी। बुधवार की सुबह करीब छह बजे इलाहाबाद जेल परिक्षेत्र के डीआईजी पहुंचे। तब तक जिले के अफसरान भी पहुंच गए थे। डीएम के आश्वासन पर बंदियों ने शव को पंचनामा के लिए ले जाने दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।
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