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प्रत्याशी और समर्थकाें की हुई नींद हराम
Mirzapur
Updated Thu, 15 May 2014 05:30 AM IST
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मिर्जापुर। मतगणना में महज 24 घंटे का समय बचा हुआ है। समय जैसे-जैसे कम हो रहा है, वैसे-वैसे ही प्रत्याशी समेत समर्थकाें की धड़कन भी बढ़ती चली जा रही है। लोगाें को अब यह चिंता सता रही है कि शुक्रवार को किसकी किस्मत चमकेगी और वह जिले का सांसद बन कर पालिटेकिभनक परिसर से बाहर निकलेगा।
इस समय पूरे जिले में शुक्रवार को होने वाली मतगणना पर चर्चा की जा रही है। लोग चट्टी-चौराहे, गली-मोहल्ले में एकत्रित होकर बार-बार इसी गुणा-गणित में जुटे हुए हैं कि किस स्थान से किस प्रत्याशी को कितना मत मिला होगा। उसी के आधार पर उसकी जीत सुनिश्चित होगी। इसके लिए बकायदा कापी-पेन लेकर झुंड में बैठ कर फोन से पूरे जिले में अपने दोस्ताें व रिश्तेदाराें से पूछताछ कर रहे हैं कि उस क्षेत्र में किस प्रत्याशी को सबसे अधिक वोट पड़ा था। जानकारी होने पर उसे नोट करके गुणा-भाग कर रहे है कि कौन प्रत्याशी कितने मत से जीत सकता है। कोई 40 हजार मताें से जीत का अंदाजा लगा रहा है तो कोई महज दस हजार वोटाें से हार जीत होने का अनुमान लगा रहा है। वहीं कुछ लोगाें की निगाह में मात्र दो प्रमुख राजनीतिक प्रत्याशियाें के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है। नतीजा कुछ भी हो या किसी के पक्ष में आए लेकिन इस समय प्रत्याशी व सर्मथकाें को नींद नहीं आ रही है। सभी सोच रहे हैं कि किस तरह 16 मई आए और उनको यह जानकारी मिल सके कि आखिर किस प्रत्याशी पर जनता ने इस बार भरोसा जताया है। बता दें कि कई महीनाें से जीत की आस लिए कई दलाें के प्रत्याशी व समर्थक जिले में दिन-रात भ्रमण कर लोगाें से वोट मागते रहे। उनके भाग्य का फैसला मतदाताओं ने करते हुए 12 मई को ईवीएम में बंद कर दिया। 16 मई यानी शुक्रवार को ईवीएम में बंद प्रत्याशियाें की किस्मत को सबके सामने खोला जाएगा।
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इस समय पूरे जिले में शुक्रवार को होने वाली मतगणना पर चर्चा की जा रही है। लोग चट्टी-चौराहे, गली-मोहल्ले में एकत्रित होकर बार-बार इसी गुणा-गणित में जुटे हुए हैं कि किस स्थान से किस प्रत्याशी को कितना मत मिला होगा। उसी के आधार पर उसकी जीत सुनिश्चित होगी। इसके लिए बकायदा कापी-पेन लेकर झुंड में बैठ कर फोन से पूरे जिले में अपने दोस्ताें व रिश्तेदाराें से पूछताछ कर रहे हैं कि उस क्षेत्र में किस प्रत्याशी को सबसे अधिक वोट पड़ा था। जानकारी होने पर उसे नोट करके गुणा-भाग कर रहे है कि कौन प्रत्याशी कितने मत से जीत सकता है। कोई 40 हजार मताें से जीत का अंदाजा लगा रहा है तो कोई महज दस हजार वोटाें से हार जीत होने का अनुमान लगा रहा है। वहीं कुछ लोगाें की निगाह में मात्र दो प्रमुख राजनीतिक प्रत्याशियाें के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है। नतीजा कुछ भी हो या किसी के पक्ष में आए लेकिन इस समय प्रत्याशी व सर्मथकाें को नींद नहीं आ रही है। सभी सोच रहे हैं कि किस तरह 16 मई आए और उनको यह जानकारी मिल सके कि आखिर किस प्रत्याशी पर जनता ने इस बार भरोसा जताया है। बता दें कि कई महीनाें से जीत की आस लिए कई दलाें के प्रत्याशी व समर्थक जिले में दिन-रात भ्रमण कर लोगाें से वोट मागते रहे। उनके भाग्य का फैसला मतदाताओं ने करते हुए 12 मई को ईवीएम में बंद कर दिया। 16 मई यानी शुक्रवार को ईवीएम में बंद प्रत्याशियाें की किस्मत को सबके सामने खोला जाएगा।
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