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जनशक्ति का निर्धारण नहीं होने से वेतन रुका
Mirzapur
Updated Thu, 28 Nov 2013 05:42 AM IST
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मिर्जापुर। जनपद के तीन अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में जनशक्ति निर्धारण नहीं होने के कारण अध्यापकों व कर्मचारियों को कई माह से वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन नहीं मिलने से शिक्षक व कर्मचारी आर्थिक तंगी की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं प्रबंध तंत्र जनशक्ति प्रस्ताव भेजने की बजाय अड़ियल रवैया अपनाए हुए है।
जनशक्ति निर्धारण में उपजी विसंगतियों के चलते शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मियों के सामने फांकाकशी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सुलझने की बजाय समस्या और भी उलझती जा रही है। संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ बातचीत अब भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। जुलाई से ही वेतन न मिलने से जिले के शारदा महेश इंटर कालेज अकोढ़ी तथा आदर्श बालिका इंटर कालेज सीखड़ तथा जयहिंद विद्या मंदिर इंटर कालेज अहरौरा के शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मियों के समक्ष भरण पोषण की समस्या जटिल हो चुकी है। बोर्ड परीक्षा के पूर्व शिक्षकों ने चाक डाउन हड़ताल की भी चेतावनी दी परंतु अब तक उनकी समस्याओं का निस्तारण कर वेतन भुगतान नहीं किया गया। इससे उनमें काफी नाराजगी है। ज्ञात हो कि शासन के निर्देश पर जनपद के 52 विद्यालयों में जनशक्ति निर्धारित किया जा रहा है। बताते चलें कि जनपद के जय हिंद इंटर कालेज अहरौरा में एलटी ग्रेट के 18 की बजाय 19 शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। यही स्थिति शारदा महेश इंटर कालेज अकोढ़ी तथा आदर्श बालिका इंटर कालेज सीखड़ की भी बनी हुई है। सेवा नियमावली की माने तो किसी भी शिक्षणेत्तर कर्मी का वेतन नहीं रोका जा सकता है। लेकिन वेतन जारी करने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं उच्चाधिकारियों ने तैनाती से अधिक एलटी ग्रेड के शिक्षकों का समायोजन कर हलफनामा दाखिल करने की बात कहकर वेतन भुगतान करने से पल्ला झाड़ दिया है। विद्यालय के सूत्रों की मानें तो विगत दो-तीन महीनों से दर्जनों अध्यापकों ने अघोषित रूप से कक्षा का बहिष्कार कर दिया है। जिसका खामियाजा बोर्ड परीक्षा की तैयारी में छात्र व छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
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जनशक्ति निर्धारण में उपजी विसंगतियों के चलते शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मियों के सामने फांकाकशी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सुलझने की बजाय समस्या और भी उलझती जा रही है। संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ बातचीत अब भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। जुलाई से ही वेतन न मिलने से जिले के शारदा महेश इंटर कालेज अकोढ़ी तथा आदर्श बालिका इंटर कालेज सीखड़ तथा जयहिंद विद्या मंदिर इंटर कालेज अहरौरा के शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मियों के समक्ष भरण पोषण की समस्या जटिल हो चुकी है। बोर्ड परीक्षा के पूर्व शिक्षकों ने चाक डाउन हड़ताल की भी चेतावनी दी परंतु अब तक उनकी समस्याओं का निस्तारण कर वेतन भुगतान नहीं किया गया। इससे उनमें काफी नाराजगी है। ज्ञात हो कि शासन के निर्देश पर जनपद के 52 विद्यालयों में जनशक्ति निर्धारित किया जा रहा है। बताते चलें कि जनपद के जय हिंद इंटर कालेज अहरौरा में एलटी ग्रेट के 18 की बजाय 19 शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। यही स्थिति शारदा महेश इंटर कालेज अकोढ़ी तथा आदर्श बालिका इंटर कालेज सीखड़ की भी बनी हुई है। सेवा नियमावली की माने तो किसी भी शिक्षणेत्तर कर्मी का वेतन नहीं रोका जा सकता है। लेकिन वेतन जारी करने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं उच्चाधिकारियों ने तैनाती से अधिक एलटी ग्रेड के शिक्षकों का समायोजन कर हलफनामा दाखिल करने की बात कहकर वेतन भुगतान करने से पल्ला झाड़ दिया है। विद्यालय के सूत्रों की मानें तो विगत दो-तीन महीनों से दर्जनों अध्यापकों ने अघोषित रूप से कक्षा का बहिष्कार कर दिया है। जिसका खामियाजा बोर्ड परीक्षा की तैयारी में छात्र व छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
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