अतिक्रमण से तालाबों के अस्तित्व पर संकट

Mirzapur Updated Thu, 21 Nov 2013 05:41 AM IST
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मिर्जापुर। अतिक्रमण से तालाबों व पोखरों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासनिक निष्क्रियता से जनपद के विभिन्न गांवों में लोगों द्वारा धड़ल्ले से अतिक्रमण किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने के लिए बनी समिति भी निष्क्रिय है।
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तालाबों और पोखरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए शासन द्वारा प्रमुख सचिव राजस्व की अध्यक्षता में समिति गठित की गयी है। बहु सदस्यीय समिति द्वारा मंडल व जनपद में तालाबों व पोखरों पर हो रहे अतिक्रमण को हटवाने के लिए समिति गठित की गई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक तथा जिला सूचना अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। बावजूद इसके जनपद के विभिन्न विकास खंडों में तालाबों पर अतिक्रमण बदस्तूर जारी है। विकास खंड मझवां के जोगीपुर में एक, तेगबहादुर में एक, ब्रहमणान में दो, केवटान में एक तथा कश्यप कुंड तालाब के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विकास खंड कोन के महंगीपुर स्थित प्रसिद्ध तालाब पर लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। जमालपुर के दर्जनों गांवों में स्थित तालाबों पर भी अतिक्रमण जारी है। इसी तरह अदलहाट क्षेत्र के ग्राम पंचायत भुईली खास में स्थित पक्का तालाब पर भी अतिक्रमण किया जा रहा है। शेरवां के ग्राम सेमरा, सिकंदरपुर, भभौरा, मनई, मनऊर स्थित तालाबों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। विकास खंड मड़िहान के बघैला तथा खोराडीह में स्थित तालाबों पर भी ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है।
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