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मनरेगा में 40 लाख का घोटाला, सात पर केस
Mirzapur
Updated Mon, 11 Nov 2013 05:41 AM IST
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चुनार। तहसील क्षेत्र के गंगा पार स्थित सीखड़ ब्लाक में मनरेगा के तहत आठ साल में हुए कार्यों में 40,25,814 रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। इसके आधार पर बीडीओ सीखड़ इंद्रमणि त्रिपाठी की तहरीर पर रविवार की रात कोतवाली में अवर अभियंता, लघु सिंचाई, मिर्जापुर राजकुमार रंजन, ग्राम विकास अधिकारी सीखड़, सुरेंद्रनाथ दूबे एवं शंभूनाथ, पूर्व प्रधान विठ्ठलपुर चंद्रपति, पूर्व प्रधान बगहां मुन्नी देवी, मेड़िया ग्राम प्रधान श्रीनाथ और पूर्व प्रधान मेड़िया शशी सिंह के विरुद्ध सरकारी धन के दुरुपयोग और मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में घोर अनियमितता का मामला दर्ज किया गया है।
सीखड़ ब्लाक के विठ्ठलपुर, बगहां और मेड़िया गांव में वर्ष 2006 से लेकर अब तक मनरेगा के तहत हुए कार्यों में धांधली और घोटाले में ग्रामीणों द्वारा शासन को शिकायत पत्र भेजा गया था।
आरोप था कि अधिकारी और ग्राम प्रधान मिलकर सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। इसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच करने के लिए लखनऊ से ब्लाक क्षेत्र में अधिकारियों की टीम भेजी थी। जिसकी रिपोर्ट में सारे आरोप सही मिलने पर शासन के निर्देश पर आयुक्त श्रम व रोजगार मिर्जापुर ने बीडीओ सीखड़ को दोषी लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। जिसके अनुक्रम में बीडीओ सीखड़ द्वारा रविवार की देर शाम सात आरोपियों के विरुद्ध चुनार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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बीडीओ सीखड़ का आरोप है कि अवर अभियंता लघु सिंचाई राजकुमार रंजन ने 13,98,938 रुपये, ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्रनाथ दूबे ने 12,58,004, ग्राम विकास अधिकारी शंभूनाथ 1,00,934, पूर्व प्रधान विठ्ठलपुर 2,96,058 रुपये, पूर्व प्रधान बगहां 3,54,343 रुपये, पूर्व प्रधान मेड़िया 4,91,486 रुपये एवं वर्तमान ग्राम प्रधान मेड़िया श्रीनाथ ने 2,26,051 रुपये सरकारी धन का गोलमाल किया है।
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सीखड़ ब्लाक के विठ्ठलपुर, बगहां और मेड़िया गांव में वर्ष 2006 से लेकर अब तक मनरेगा के तहत हुए कार्यों में धांधली और घोटाले में ग्रामीणों द्वारा शासन को शिकायत पत्र भेजा गया था।
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आरोप था कि अधिकारी और ग्राम प्रधान मिलकर सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। इसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच करने के लिए लखनऊ से ब्लाक क्षेत्र में अधिकारियों की टीम भेजी थी। जिसकी रिपोर्ट में सारे आरोप सही मिलने पर शासन के निर्देश पर आयुक्त श्रम व रोजगार मिर्जापुर ने बीडीओ सीखड़ को दोषी लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। जिसके अनुक्रम में बीडीओ सीखड़ द्वारा रविवार की देर शाम सात आरोपियों के विरुद्ध चुनार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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बीडीओ सीखड़ का आरोप है कि अवर अभियंता लघु सिंचाई राजकुमार रंजन ने 13,98,938 रुपये, ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्रनाथ दूबे ने 12,58,004, ग्राम विकास अधिकारी शंभूनाथ 1,00,934, पूर्व प्रधान विठ्ठलपुर 2,96,058 रुपये, पूर्व प्रधान बगहां 3,54,343 रुपये, पूर्व प्रधान मेड़िया 4,91,486 रुपये एवं वर्तमान ग्राम प्रधान मेड़िया श्रीनाथ ने 2,26,051 रुपये सरकारी धन का गोलमाल किया है।