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चरणाट धाम महोत्सव समापन पर राधे-राधे की गूंज
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:25 AM IST
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चुनार। श्री मुकुंद सेवा संस्थान वाराणसी के तत्वावधान में नगर के उसमानपुर इलाके में स्थित वैष्णवजनों के तीर्थ स्थल चरणाट धाम पर गुंसाई श्री विट्ठलनाथ जी के तीन दिवसीय प्राकट्य महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम संध्या को राधे-राधे की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। समारोह के अंतिम दिन गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, मथुरा, समेत देश प्रदेश से आए भक्त शामिल हुए।प्राकट्य महोत्सव में आये वैष्णवजनों सहित स्थानीय वैष्णवजन चरणाट धाम में गुंसाई श्री विट्ठलनाथ जी के बैठक की परिक्रमा की। इसके पश्चात संस्थान द्वारा नगर के उसमानपुर इलाके में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के 300 विद्यार्थियों को स्वेटर वितरण व चरणाट धाम इलाके के आसपास बसे आदिवासियों को शाल, स्वेटर, कंबल एवं साड़ी व बच्चों को वस्त्र व भोजन के लिए अन्न प्रदान किया गया। प्राकट्य महोत्सव में शामिल वैष्णवजनों ने चरणाट धाम परिसर में स्थित गिरिराज के दुग्धाभिषेक करने के साथ ही श्याम मनोहर दास जी महाराज व प्रियेंदु बाबा साहब को केसर से स्नान कराया। सायंकाल नंद महोत्सव व पालना दर्शन में भारी संख्या में वैष्णवजन ने शामिल होकर नंद महोत्सव की खुशी मनाया और पालना दर्शन कर वैष्णवजन भाव विभोर हो गए। वैष्णवजनों द्वारा निकाली गई परिक्रमा शोभायात्रा में वैष्णवजन ठाकुर जी को साथ लेकर भजन की थाप पर नाचते गाते चल रहे। इस दौरान राधे राधे, हरि हरि के घोष से पूरा चरणाट धाम भक्ति भाव से गुंजायमान हो उठा। देर शाम परिसर में अखिल भारतीय वैष्णव सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किया। वैष्णवजनों को आशीर्वचन देते हुए षष्ठ पीठाधीश्वर श्याम मनोहर जी महाराज ने कहा कि भगवान के प्रति यदि भक्त की सच्ची आस्था जुड़ी हुई हो तो भक्त के मान सम्मान की रक्षा ठाकुर जी स्वयं किसी न किसी रूप में पहुंच कर करते हैं। इसके उपरांत वनवासियों सहित उपस्थित जनमानस में प्रसाद का वितरण होने के साथ ही आयोजित तीन दिवसीय प्राकट्य महोत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर नवीन झुनझुन वाला, हरिदास पारीख, द्वारिका अतुल शाह, नाथ चतुर्वेदी, सुशील अग्रवाल, रामेश्वर दास अग्रवाल, श्रवण कुमार अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रितेश अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, आदि मौजूद रहे।