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परियोजना निदेशक से सीबीआई ने ली जानकारी
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:22 AM IST
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मिर्जापुर। मनरेगा कार्यों की जांच कर रही सीबीआई टीम सोमवार को 11वीं बार जिले में पहुंची। सबसे पहले पथरहिया स्थित विकास भवन पहुंच कर अभिलेखों को खंगाला। साथ ही परियोजना निदेेशक हरिचरण सिंह से क्षेत्र पंचायत हलिया में कराए गए कार्यों के बारे में जानकारी भी ली। सीबीआई टीम के अचानक विकास भवन पहुंचने से हड़कंप मचा रहा। सूत्रों की मानें तो सीबीआई टीम क्षेत्र पंचायत से कराए गए मनरेगा कार्यों की जांच करने एक बार फिर हलिया ब्लॉक का रुख कर सकती है।
सीबीआई की दो सदस्यीय टीम प्रभारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में सातवीं बार पहुंची। सीबीआई के जिले में पहुंचने से प्रशासनिक अमले में हलचल बढ़ गई है। सीबीआई टीम ने सोमवार को पीडी हरिचरण सिंह से कई अहम मामलों पर जानकारी ली। सीबीआई टीम ने विकास भवन में कई अभिलेखों को खंगाला। उच्च न्यायालय के लखनऊ खंडपीठ के दो न्यायाधीशों की बेंच ने 31 जनवरी को मनरेगा योजना में वर्ष 2007 से 2010 तक हुए कार्यों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर मनरेगा कार्यों की जांच चल रही है। इसके पहले स्पेशल क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अशरफ सिद्दकी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जनपद में आकर जांच कर चुकी है। हलिया ब्लॉक में भी मनरेगा के तहत कार्यों को कराने में क ाफी अनियमितता बरती गई है। जिले के हलिया, पटेहरा, सीखड़ और पहाड़ी विकास खंड में वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा में कराए गए कार्यों में घोटाले की जांच के लिए सीबीआई मंगलवार को एक बार फिर जिले में पहुंची। सीबीआई हलिया ब्लॉक में हुए पौने चार करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित फाइलों को खंगाल रही है। सीबीआई वर्ष 2012 में हलिया थाने में 54 मुकदमेे दर्ज करा चुकी है। विकास भवन में मनरेगा से जुड़े कागजातों की जांच करने के बाद दोबारा कैंप कार्यालय चली गई। दिन भर कैंप कार्यालय पर मनरेगा अभिलेखों की गहन जांच की।
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इनसेट-
सीबीआई टीम जिले में वर्ष 2007 से 2010 तक मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों में घोटाले की जांच कर रही है। सीबीआई को मांग के अनुसार कागजात उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
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- हरिचरण सिंह, परियोजना निदेशक।