फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   90% of medicines are out of stock in 54 Ayurvedic and Unani hospitals of the district

Mirzapur News: जिले के 54 आयुर्वेदिक और यूनानी अस्पतालों में 90 फीसदी दवाएं खत्म

Wed, 20 Aug 2025 12:11 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
90% of medicines are out of stock in 54 Ayurvedic and Unani hospitals of the district
आयुर्वेदिक अस्पताल भावां। स्रेात- संवाद
मिर्जापुर। जनपद के आयुर्वेदिक अस्पतालों में इन दिनों दवाओं की कमी हो गई है। वर्तमान में 90 फीसदी दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण इन दिनों आयुर्वेदिक अस्पतालों में बुखार, सर्दी, जुकाम, गठिया, पेट दर्द व चर्म रोग के मरीज आ रहे हैं। कुछ सामान्य दवाओं को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर जरूरी दवाइयां अस्पतालों के स्टॉक में उपलब्ध नहीं हैं। डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने की सलाह दे रहे हैं। जनपद में 54 आयुर्वेदिक और यूनानी अस्पताल हैं। शहरी क्षेत्र के आयुर्वेदिक अस्पताल में प्रतिदिन 100 मरीज ओपीडी में आते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में 20 से 30 मरीज ओपीडी में आते हैं। शासन की ओर से आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को विभिन्न रोगों की 150 तरह की दवाएं निशुल्क दी जाती हैं। इस समय सिर्फ 15 से 20 दवाएं ही उपलब्ध हैं। जरूरी दवाईयां खत्म होने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

जिगना क्षेत्र के तीन अस्पतालों में नहीं है 12 दवाओं के स्टॉक
जिगना क्षेत्र के छानबे में आयुर्वेदिक-यूनानी की कुशहा, विरौरा, बहुती गांव में अस्पताल है। यहां अष्टगंधा, अशोकारिष्ट, दशमूलारिष्ट, लोहाशव, द्राक्षशव, लवणभास्कर चूर्ण, अवित्कार चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, योगराज गुग्गुल, चंद्रप्रभावटी, दर्द निवारक तेल सहित अन्य कई दवाओं का स्टॉक बहुत दिन से खत्म है। अस्पताल में प्रतिदिन मरीज तो आते हैं तो डॉक्टर पर्चे पर दवा लिखते हैं। दवा की उपलब्धता नहीं होेने पर जल्द दवा आने की बात बताते हैं। अस्पताल में मौजूद दशमूल काढ़ा देकर डॉक्टर मरीजों को संतुष्ट करते हैं।
विज्ञापन


कछवां क्षेत्र के पांच अस्पतालों दवाओं की भेजी गई है डिमांड
कछवां क्षेत्र के आयुर्वेदिक अस्पताल महामलपुर, दामोदरपुर, भैंसा, तुलापुर और निगतपुर में दवाओं का स्टॉक खत्म होने पर डिमांड की गई है। अभी तक शासन से स्टॉक उपलब्ध नहीं हो सका है। यही हाल हलिया क्षेत्र के आयुर्वेद चिकित्सालय पिपरा के चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज मिश्रा ने बताया कि मरीज का उपचार किया जा रहा है। कुछ दवाओं की कमी है। जिनकी डिमांड की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पथरौर अस्पताल में नहीं है हींगवादी चूर्ण
पटेहरा क्षेत्र के पथरौर आयुर्वेद अस्पताल के डॉ. कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि यहां सभी दवाएं उपलब्ध हैं। पेट दर्द और कब्ज की समस्या के लिए मरीजों को दी जाने वाली हींगवादी चूर्ण नहीं है। उसके लिए शासन से डिमांड की गई है। एक-दो दिनों में दवा उपलब्ध हो जाएगी।
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल भावां में नहीं है चंद्रप्रभा वटी
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल भांवा के प्रभारी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मधुमेह रोग के लिए दी जाने वाली दवा चंद्रप्रभा वटी नहीं है।
आईएमपीसीएल कंपनी पर चल रही है जांच इस कारण नहीं हो रही आपूर्ति
डॉ. संजीव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी आईएमपीसीएल पर शासन स्तर से जांच की जा रही है। इस कारण दवा आपूर्ति में कठिनाई हो रही है।


आयुर्वेदिक अस्पतालों में कुछ दवाओं के स्टॉक खत्म हो गए हैं। उसके लिए शासन को डिमांड भेजा गया है। 22 अगस्त तक दवाएं उपलब्ध होने की बात कही गई है। स्थानीय स्तर पर भी दवाओं की खरीदारी की जा रही है।
डा. एसके रजक, आयुर्वेदिक और युनानी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed