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बाणसागर का पानी बैराज तक न पहुंचने से मायूसी
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:29 AM IST
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ड्रमंडगंज। बाण सागर का पानी अदवा बांध तक न आने से किसान मायूस हैं। उधर कूपों और हैंडपंपों के जल स्तर नीचे जा रहा है।
मध्यप्रदेश के शहडोल के देवलोन में स्थित सोन नदी में बने बाणसागर बांध का पानी समझौते के हिसाब से विगत वर्ष आया तो जरूर लेकिन इस वर्ष प्रधानमंत्री के उद्घाटन व मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद बैराज की यह दशा हो जाएगी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। एक करोड़ 18 लाख बकाया होने के कारण बांध में न आने की बात सुन मिर्जापुर व इलाहाबाद के किसानों में मायूसी छाई हुई है। लोगों का कहना है कि उद्घाटन से पहले पानी का कर्ज दिया गया होता, तब दिक्कत न होती। दूसरी ओर अदवा बांध में बाणसागर का पानी न आने से बिना मुआवजा दिए किसानों की डूबी जमीन खाली हो रही है। किसानों का कहना है कि अदवा बांध के बैधा, गुर्गी, कोठी खुर्द, राजपुर, सोनगढा, सांगों, पंवारी खुर्द, बेलगवां, के किसानों की जमीन तो डुबो दी जाती है, जिसका मुआवजा भी अभी तक नहीं मिल पाया है।
मुआवजे की कार्रवाई शासन स्तर पर भेजी गई है। जैसे ही धन प्राप्त होगा जमीन को अधिग्रहीत कर मुआवजा दिया जाएगा- सुशील यादव, अधिशासी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड।
सोनगढा निवासी हौसला प्रसाद पांडेय का कहना है कि अदवा बांध में पानी आने से भले ही जलस्तर ऊपर हो जाता है। पर डूबी जमीन के कारण, पैैदावार न होने से खाने के लाले पड़ जाते हैं।
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सोनगढ़ा निवासी राधेश्याम दूबे का कहना है कि गत वर्ष से बाणसागर का पानी आने से अदवा बांध में डूबी जमीन जोतने व बोने लायक नहीं रह जाती। उन्होंने कहा अभी तक मुआवजा भी नहीं प्रदान किया गया है।
सेंदुराह निवासी जवाहर लाल गुप्ता का कहना है कि अदवा बांध से विस्थापित कर तो दिया गया पर जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं मिला जिससे किसानों को दाने दाने के लिए तरसना पड़ रहा है
खम्हरिया निवासी गुलबहार अली का कहना है कि की अदवा बांध में डूबी जमीन का मुआवजा देने के बाद ही पानी बांध में बढ़ाया जाए।
मध्यप्रदेश के शहडोल के देवलोन में स्थित सोन नदी में बने बाणसागर बांध का पानी समझौते के हिसाब से विगत वर्ष आया तो जरूर लेकिन इस वर्ष प्रधानमंत्री के उद्घाटन व मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद बैराज की यह दशा हो जाएगी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। एक करोड़ 18 लाख बकाया होने के कारण बांध में न आने की बात सुन मिर्जापुर व इलाहाबाद के किसानों में मायूसी छाई हुई है। लोगों का कहना है कि उद्घाटन से पहले पानी का कर्ज दिया गया होता, तब दिक्कत न होती। दूसरी ओर अदवा बांध में बाणसागर का पानी न आने से बिना मुआवजा दिए किसानों की डूबी जमीन खाली हो रही है। किसानों का कहना है कि अदवा बांध के बैधा, गुर्गी, कोठी खुर्द, राजपुर, सोनगढा, सांगों, पंवारी खुर्द, बेलगवां, के किसानों की जमीन तो डुबो दी जाती है, जिसका मुआवजा भी अभी तक नहीं मिल पाया है।
मुआवजे की कार्रवाई शासन स्तर पर भेजी गई है। जैसे ही धन प्राप्त होगा जमीन को अधिग्रहीत कर मुआवजा दिया जाएगा- सुशील यादव, अधिशासी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड।
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सोनगढा निवासी हौसला प्रसाद पांडेय का कहना है कि अदवा बांध में पानी आने से भले ही जलस्तर ऊपर हो जाता है। पर डूबी जमीन के कारण, पैैदावार न होने से खाने के लाले पड़ जाते हैं।
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सोनगढ़ा निवासी राधेश्याम दूबे का कहना है कि गत वर्ष से बाणसागर का पानी आने से अदवा बांध में डूबी जमीन जोतने व बोने लायक नहीं रह जाती। उन्होंने कहा अभी तक मुआवजा भी नहीं प्रदान किया गया है।
सेंदुराह निवासी जवाहर लाल गुप्ता का कहना है कि अदवा बांध से विस्थापित कर तो दिया गया पर जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं मिला जिससे किसानों को दाने दाने के लिए तरसना पड़ रहा है
खम्हरिया निवासी गुलबहार अली का कहना है कि की अदवा बांध में डूबी जमीन का मुआवजा देने के बाद ही पानी बांध में बढ़ाया जाए।