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पटियाला सूट, हॉट पैंट का बाजार चमका
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:52 AM IST
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मिर्जापुर। होली की खरीदारी करने के लिए सोमवार को दुकानों पर भीड़ उमड़ी रही। रेडिमेड की दुकानें फैंसी कपड़ों से सजी हैं। युवतियों में पटियाला सूट, बुजुर्गों में कुर्ता पाजामा और युवकों में ब्रांडेड शर्ट, जींस और ट्राउजर की मांग सबसे अधिक है। इसके अलावा महिलाएं आलू, चावल का पापड़, चिप्स, नमकीन आदि बनाने में जुटी हैं। इसके अलावा रंग, गुलाल और पिचकारी की भी बड़े पैमाने पर खरीदारी हुई। उधर, होली से पहले कपड़े उपलब्ध कराने के लिए दर्जी दिन रात सिलाई का काम कर रहे हैं।
होली दो मार्च को मनाई जाएगी। इसके लिए लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बहुत से लोग मॉल, रेडीमेड कपड़ों की दुकानों से कपड़े खरीद रहे हैं जबकि कई लोगों ने कपड़े सिलने के लिए दिया है। बाजार में जहां छोटे बच्चों के लिए होजरी के कपड़ों की बहार है वहीं महिलाओं और लड़कियों के लिए नेट की साड़ी और लांग गाउन अधिक बिक रहे हैं। पुरुषों के लिए पायजामा कुर्ता और गर्मी को देखते हुए हल्के कपड़ों की अधिक मांग हो रही है। बच्चों के लिए हाट पैंट तेजी से बिक रहा है। पटियाला सूट, मोदी जैकेट और सूती साड़ियों की भी मांग है। पुरुषों के अच्छे शर्ट पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये में आ रहे हैं। जींस के साथ साथ काटन के ट्राउजर भी तेजी से बिक रहा है। वहीं दर्जी की दुकानों पर इतना अधिक कपड़ा सिलने के लिए आ गया है कि वह अब काम नहीं ले रहे हैं। हाल यह है कि दर्जी कितनों को होली के दिन डिलीवरी देने को कहा है। रेडीमेड बाजार में सबसे अधिक नए पैटर्न की चल रही जींस पैंट की मांग अत्यधिक है। खरीदारों से पटे बाजार से दुकानदारों के चेहरे पर रौनक छाई रही। इसके अलावा बाजार में आलू का पापड़ व तरह तरह के चिप्स की दुकानें लगी हैं। वहीं घरों में गृहणियां इसे बनाने में जुटी हैं।
कछवां व शेरवां क्षेत्र में होली पर रंगों के साथ साथ पटाखों की दुकानें भी सजी हैं। पटाखों की दुकानें बिना अनुमति के बाजार के मध्य में लगाई गई हैं, जबकि कछवां इलाके के दर्जियान वार्ड में केवल दो पटाखा विक्रेताओं के पास लाइसेंस है। इसके बावजूद इलाके में बेधड़क पटाखे बेचे जा रह हैं। वहीं पुलिस इससे अनजान बनी हुई। इसके अलावा केमिकल युक्त रंग भी धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। हालांकि क्षेत्राधिकारी सदर बीके त्रिपाठी ने क्षेत्र का दो बार दौरा कर चुके हैं, लेकिन खतरनाक व जानमाल को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखा विक्रेता बिना भय के अपनी दुकानें लगाकर पटाखा बेचने में लगे हैं।
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होली दो मार्च को मनाई जाएगी। इसके लिए लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बहुत से लोग मॉल, रेडीमेड कपड़ों की दुकानों से कपड़े खरीद रहे हैं जबकि कई लोगों ने कपड़े सिलने के लिए दिया है। बाजार में जहां छोटे बच्चों के लिए होजरी के कपड़ों की बहार है वहीं महिलाओं और लड़कियों के लिए नेट की साड़ी और लांग गाउन अधिक बिक रहे हैं। पुरुषों के लिए पायजामा कुर्ता और गर्मी को देखते हुए हल्के कपड़ों की अधिक मांग हो रही है। बच्चों के लिए हाट पैंट तेजी से बिक रहा है। पटियाला सूट, मोदी जैकेट और सूती साड़ियों की भी मांग है। पुरुषों के अच्छे शर्ट पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये में आ रहे हैं। जींस के साथ साथ काटन के ट्राउजर भी तेजी से बिक रहा है। वहीं दर्जी की दुकानों पर इतना अधिक कपड़ा सिलने के लिए आ गया है कि वह अब काम नहीं ले रहे हैं। हाल यह है कि दर्जी कितनों को होली के दिन डिलीवरी देने को कहा है। रेडीमेड बाजार में सबसे अधिक नए पैटर्न की चल रही जींस पैंट की मांग अत्यधिक है। खरीदारों से पटे बाजार से दुकानदारों के चेहरे पर रौनक छाई रही। इसके अलावा बाजार में आलू का पापड़ व तरह तरह के चिप्स की दुकानें लगी हैं। वहीं घरों में गृहणियां इसे बनाने में जुटी हैं।
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कछवां व शेरवां क्षेत्र में होली पर रंगों के साथ साथ पटाखों की दुकानें भी सजी हैं। पटाखों की दुकानें बिना अनुमति के बाजार के मध्य में लगाई गई हैं, जबकि कछवां इलाके के दर्जियान वार्ड में केवल दो पटाखा विक्रेताओं के पास लाइसेंस है। इसके बावजूद इलाके में बेधड़क पटाखे बेचे जा रह हैं। वहीं पुलिस इससे अनजान बनी हुई। इसके अलावा केमिकल युक्त रंग भी धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। हालांकि क्षेत्राधिकारी सदर बीके त्रिपाठी ने क्षेत्र का दो बार दौरा कर चुके हैं, लेकिन खतरनाक व जानमाल को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखा विक्रेता बिना भय के अपनी दुकानें लगाकर पटाखा बेचने में लगे हैं।
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