{"_id":"5a3418d54f1c1b59678c2519","slug":"81513363669-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद हुआ फोन की घंटी घनघनाना, मस्त हुए कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद हुआ फोन की घंटी घनघनाना, मस्त हुए कर्मचारी
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिर्जापुर। सीएचसी पीएचसी पर तैनात डाक्टरों समेत अन्य स्टाफ के ड्यूटी की हकीकत जानने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगवाए गए अधिकांश टेलीफोन खराब हो गए हैं। जिसका फायदा उठाते हुए वहां तैनात डाक्टर एवं अन्य कर्मचारी आए दिन ड्यूटी से गायब रहते हैं। उनकी इस लापरवाही के चलते मरीजों का इलाज नहीं हो पाता है। इससे मरीजों को कभी कभी अपनी जान गंवानी पड़ती है।
बता दें कि तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह को आए दिन शिकायत मिल रही थी कि जिले के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डाक्टर एवं अन्य स्टाफ आए दिन कागजों पर तो ड्यूटी करते हैं लेकिन हकीकत में वह गायब रहते हैं। इससे मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। मरीज इलाज कराने के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर रहते हैं। कभी कभी तो बेहतर इलाज नहीं होने के कारण उनको अपनी जाने भी गंवानी पड़ती है। इसको गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने समस्त सीएचसी एवं पीएचसी पर बेसिक फोन लगवाने का निर्देश सीएमओ को दिया था। सीएमओ ने अधिकांश सीएचसी पीएचसी फोन भी लगवा दिया ताकि लापरवाह कर्मचारियों की नकेल कसी जा सके। फोन लगने पर कुछ दिनों तक अधिकारी सक्रिय रहते हुए रात और दिन में फोन कर वहा तैनात डाक्टरों व अन्य स्टाफ के उपस्थिति के बारे में जानकारी लेते रहे। फोन पर झूठ बोल रहे हैं कि सच इसके बारे में पता लगाने के लिए तहतसील स्तर के कर्मचारियों को भेज कर चेकिंग भी कराई जाती थी, लेकिन कुछ दिनों बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे फोन की घंटी घनघाने की बजाय धूंल फांक रही है। जिसका फायदा उठाते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डाक्टर समेत अन्य कर्मचारी ड्यूटी से गायब हो जाते हैं, जिसका प्रमाण गत दिनों सीएमओ द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से हुआ था। जिसमें कई डाक्टर एवं कर्मचारी भी अनुपस्थित पाए गए थे।
मामला संज्ञान में है। फोन को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सारे फोन दुरूस्त करा लिए जाएंगे।- डा. एसके उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी
बता दें कि तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह को आए दिन शिकायत मिल रही थी कि जिले के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डाक्टर एवं अन्य स्टाफ आए दिन कागजों पर तो ड्यूटी करते हैं लेकिन हकीकत में वह गायब रहते हैं। इससे मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। मरीज इलाज कराने के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर रहते हैं। कभी कभी तो बेहतर इलाज नहीं होने के कारण उनको अपनी जाने भी गंवानी पड़ती है। इसको गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने समस्त सीएचसी एवं पीएचसी पर बेसिक फोन लगवाने का निर्देश सीएमओ को दिया था। सीएमओ ने अधिकांश सीएचसी पीएचसी फोन भी लगवा दिया ताकि लापरवाह कर्मचारियों की नकेल कसी जा सके। फोन लगने पर कुछ दिनों तक अधिकारी सक्रिय रहते हुए रात और दिन में फोन कर वहा तैनात डाक्टरों व अन्य स्टाफ के उपस्थिति के बारे में जानकारी लेते रहे। फोन पर झूठ बोल रहे हैं कि सच इसके बारे में पता लगाने के लिए तहतसील स्तर के कर्मचारियों को भेज कर चेकिंग भी कराई जाती थी, लेकिन कुछ दिनों बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे फोन की घंटी घनघाने की बजाय धूंल फांक रही है। जिसका फायदा उठाते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डाक्टर समेत अन्य कर्मचारी ड्यूटी से गायब हो जाते हैं, जिसका प्रमाण गत दिनों सीएमओ द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से हुआ था। जिसमें कई डाक्टर एवं कर्मचारी भी अनुपस्थित पाए गए थे।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में है। फोन को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सारे फोन दुरूस्त करा लिए जाएंगे।- डा. एसके उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी