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वेतन पुनरीक्षण की मांग को बीएसएनएल कर्मी हड़ताल पर
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:25 AM IST
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मिर्जापुर। अनगढ़ स्थित बीएसएनएल कार्यालय पर ऑल इंडिया बीएसएनएल यूनियंस एसोसिएशन के तत्वावधान में मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल शुरू किया। बीएसएनएल कर्मचारी वेतन पुनरीक्षण की मांग कर रहे हैं। काफी समय से मांगों के पूरा नही होने से बीएसएनएल कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है।
जिला सचिव नागेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। कई बार मांगों के बावजूद एक जनवरी 2017 से वेतन पुनरीक्षण नही किया गया है। सहायक टॉवर कंपनी के निर्माण पर रोक लगाया जाए। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल की सबसे शक्तिशाली पूंजी 66 हजार मोबाइल टावर है। सरकार द्वारा बीएसएनएल का तेजी से विकास करने का बहाना बना कर टावरों को बीएसएनएल से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है। एक अलग सहायक टॉवर कंपनी बनाने के लिए कैबिनेट में अनुमोदन भी कराया जा चुका है। इस निर्णय से बीएसएनएल को विनिवेश और रणनीतिक रूप से निजीकरण की तरफ ले जाएगा। सरकार के इस इरादे को हम कामयाब नही होने देंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे वेतन पुनरीक्षण के समय लंबित मुद्दों का समाधान शीघ्र किया जाए। धीरेंद्र धर दूबे, मानसिंह पटेल, अवधेश नारायण तिवारी, अमरनाथ मालवीय, सुभाष सिंह, नरेश वर्मा, आरके पाल, रमेश पाठक, ललित मोहन मिश्रा, अमृतेश, विनय श्रीवास्तव आदि ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की निंदा किया। इस दौरान वंशराज, वंश बहादुर, अरुणेश, जय प्रकाश गुप्ता, सुरेशचंद्र, किशन लाल, त्रिभुवन, अनसुइया, संगीता, मलिका परवीन, रीता देवी , लालती प्रसाद, शिव प्रसाद, आरके अग्रवाल, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
जिला सचिव नागेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। कई बार मांगों के बावजूद एक जनवरी 2017 से वेतन पुनरीक्षण नही किया गया है। सहायक टॉवर कंपनी के निर्माण पर रोक लगाया जाए। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल की सबसे शक्तिशाली पूंजी 66 हजार मोबाइल टावर है। सरकार द्वारा बीएसएनएल का तेजी से विकास करने का बहाना बना कर टावरों को बीएसएनएल से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है। एक अलग सहायक टॉवर कंपनी बनाने के लिए कैबिनेट में अनुमोदन भी कराया जा चुका है। इस निर्णय से बीएसएनएल को विनिवेश और रणनीतिक रूप से निजीकरण की तरफ ले जाएगा। सरकार के इस इरादे को हम कामयाब नही होने देंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे वेतन पुनरीक्षण के समय लंबित मुद्दों का समाधान शीघ्र किया जाए। धीरेंद्र धर दूबे, मानसिंह पटेल, अवधेश नारायण तिवारी, अमरनाथ मालवीय, सुभाष सिंह, नरेश वर्मा, आरके पाल, रमेश पाठक, ललित मोहन मिश्रा, अमृतेश, विनय श्रीवास्तव आदि ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की निंदा किया। इस दौरान वंशराज, वंश बहादुर, अरुणेश, जय प्रकाश गुप्ता, सुरेशचंद्र, किशन लाल, त्रिभुवन, अनसुइया, संगीता, मलिका परवीन, रीता देवी , लालती प्रसाद, शिव प्रसाद, आरके अग्रवाल, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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