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चुनार के पाटरी केंद्र का किया निरीक्षण
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:17 AM IST
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चुनार के दो दशक से बंद पड़े पाटरी उद्योग (चीनी मिट्टी के बर्तन) को चालू किए जाने के संबंध में जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने गुरुवार को चुनार के पाटरी उद्योग से जुड़े उद्यमियों के साथ बैठक की। इसमें बंद पड़े उद्योग को पुन: चालू करने पर विचार विमर्श किया गया। जिसमें उद्यमियों ने अपनी राय सांझा की। इस दौरान अफसरों ने पाटरी केंद्र का निरीक्षण भी किया।
पाटरी उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने उद्योग को फिर से आरंभ करने के लिए जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल व चुनार विधायक से मांग की थी। चुनार के पुराने उद्योग व पहचान को फिर से चालू कराने के लिए उद्यमियों ने कई बार प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। उद्यमियों ने बताया था कि आधुनिक तकनीकी की भट्टियां न होने व महंगे दर पर कोयले की आपूर्ति होने के कारण उद्योग पूरी तरह से बंद हो गया है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने इसे संज्ञान में लेते हुए चुनार के पाटरी उद्योग को जीवन प्रदान करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त लोकेंदर कुमार व संजय सिंह अवर अभियंता यूपीएसआईसी कानपुर उद्यमियों के साथ बैठक में समस्याओं से रूबरू हुए।
उद्यमियों ने बताया कि उद्योग को फिर से जीवित करने के लिए आधुनिक डीजल द्वारा संचालित भट्ठी, आधुनिक सांचा व ट्रेनिंग की व्यवस्था बनाये जाने पर ही उद्योग स्थापित हो सकता है। उद्यमियों ने कार्यशाला की व्यवस्था करने को आवश्यक बताया। अधिकारियों ने पाटरी केंद्र का निरीक्षण कर मुकम्मल व्यवस्था कराने को कहा। बैठक के दौरान चुनार पाटरी समिति के कृष्ण कुमार यादव, धीरज गावरी, राजेंद्र प्रसाद प्रजापति, सुभाष चंद्र प्रजापति, दुर्गा प्रसाद वर्मा, दिनकर मौर्या, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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पाटरी उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने उद्योग को फिर से आरंभ करने के लिए जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल व चुनार विधायक से मांग की थी। चुनार के पुराने उद्योग व पहचान को फिर से चालू कराने के लिए उद्यमियों ने कई बार प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। उद्यमियों ने बताया था कि आधुनिक तकनीकी की भट्टियां न होने व महंगे दर पर कोयले की आपूर्ति होने के कारण उद्योग पूरी तरह से बंद हो गया है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने इसे संज्ञान में लेते हुए चुनार के पाटरी उद्योग को जीवन प्रदान करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त लोकेंदर कुमार व संजय सिंह अवर अभियंता यूपीएसआईसी कानपुर उद्यमियों के साथ बैठक में समस्याओं से रूबरू हुए।
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उद्यमियों ने बताया कि उद्योग को फिर से जीवित करने के लिए आधुनिक डीजल द्वारा संचालित भट्ठी, आधुनिक सांचा व ट्रेनिंग की व्यवस्था बनाये जाने पर ही उद्योग स्थापित हो सकता है। उद्यमियों ने कार्यशाला की व्यवस्था करने को आवश्यक बताया। अधिकारियों ने पाटरी केंद्र का निरीक्षण कर मुकम्मल व्यवस्था कराने को कहा। बैठक के दौरान चुनार पाटरी समिति के कृष्ण कुमार यादव, धीरज गावरी, राजेंद्र प्रसाद प्रजापति, सुभाष चंद्र प्रजापति, दुर्गा प्रसाद वर्मा, दिनकर मौर्या, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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