फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   शिक्षा के सभी मंदिरों में राष्ट्रगान होने चाहिए

शिक्षा के सभी मंदिरों में राष्ट्रगान होने चाहिए

Mon, 14 Aug 2017 12:15 AM IST
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
शिक्षा के सभी मंदिरों में राष्ट्रगान होने चाहिए

विज्ञापन
मिर्जापुर। प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी मदरसों में झंडारोहण व राष्ट्रगान की रिकार्डिंग भेजने को कहा है। इसके खिलाफ बरेली के एक मौलवी मदरसों में राष्ट्रगान का विरोध किया है। इस बात पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय पर्व पर हर नागरिक को राष्ट्रगान गायन करना चाहिए।
ओलियर घाट स्थित मदरसा अरबिया के प्रधानाचार्य नजम अली खान ने कहा कि ऐसा पहली मर्तबा नहीं है कि स्वतंत्रता जब हम तिरंगा फहराये और राष्ट्रगान गायें। हमारे यहां प्रत्येक वर्ष प्रभात फेरी, झंडारोहण करने के बाद राष्ट्रगान गाया जाता है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 26 जनवरी हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं। इसे हम ईद और दिवाली से भी अधिक उत्साह से मनाते हैं। बरेली के एक मौलवी के बयान पर उन्होंने कहा कि यह उनका विचार है। उन्होंने ऐसा क्यों कहा वो ही जाने। हमारे यहां सौ बच्चों का समूह है, जो एक सप्ताह पूर्व से ही गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस पर तैयारी शुरू कर देता है।
विज्ञापन

बरियाघाट स्थित श्री सनातन भैरव शंकर ब्रम्ह संस्कृत महाविद्यालय के नरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि यह हमारा राष्ट्रीय पर्व है, राष्ट्रगान सभी को पूरे उत्साह से गाना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस पर ऐसे कितने मुस्लिम बंधु हैं, जो शुरू से राष्ट्रीयगीत और राष्ट्रगान गाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रगान से किसी धर्म पर कोई फर्क पड़ता है, तो इसका मतलब की वह धर्म बहुत कमजोर है। बयानबाजी के बारे में उन्होंने ने कहा कि यह एक मजहबी सोच है। ऐसे बयानबाजी करने वालों पर सरकार को कार्रवाई करना चाहिए। जिससे भविष्य में ऐसी बयानबाजी कोई भी न कर सके। मिशन कंपाउंड स्थित चर्च के पादरी सुरेश मसीह ने कहा कि हम सभी एक देश के रहने वाले हैं, धर्म कोई भी हो नियम एक ही होना चाहिए। मदरसा, चर्च, या गुरुद्वारा कुछ भी हो जहां भी शिक्षा का मंदिर हो वहां राष्ट्रगान होना चाहिए। देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गुरमिंदर सिंह सरना ने कहा इंडिया फर्स्ट होना चाहिए। राष्ट्रगान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अनिवार्य होना चाहिए। देश धर्म और जाति से ऊपर होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed