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Mirzapur News: 1.28 करोड़ रुपये से लगी सजावटी लाइटों में 80 प्रतिशत बंद या हो चुकी हैं खराब

Sun, 19 Jul 2026 01:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:26 AM IST
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80 percent of the decorative lights installed at a cost of
नटवा ​स्थित हाइवे पर स्ट्रीट लाइट की पोल पर तिरंगे के रंग में सजावटी लाइट बंद, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। शहर की पहचान बन चुकी तिरंगे रंग की सजावटी रोशनी बदहाली का शिकार है। नगर पालिका की ओर से 1.28 करोड़ रुपये की लागत से शास्त्री ब्रिज, पथरहिया रेलवे फुटओवर ब्रिज और नटवा-विंध्याचल मार्ग पर लगाई गई तिरंगा थीम की एलईडी लाइटों में 80 प्रतिशत बंद या खराब हो चुकी हैं। इसके चलते रात में शहर की खूबसूरती फीकी पड़ गई है।
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शास्त्री ब्रिज पर लगभग 68 लाख रुपये, नटवा-विंध्याचल मार्ग पर 40 लाख रुपये तथा पथरहिया रेलवे फुटओवर ब्रिज पर करीब 20 लाख रुपये की लागत से तिरंगे रंग की सजावटी लाइटें लगवाई थीं। शुरुआत में इन लाइटों से शहर की अलग पहचान बनी थी, लेकिन अब अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं। कई स्थानों पर पूरी शृंखला अंधेरे में डूबी दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत से ही लाइटों की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे। कई बार दिन में भी लाइटें जलती रहती थीं, जिससे उनकी उम्र कम हो गई। समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने से अब अधिकांश लाइटें जवाब दे चुकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि लाइटें खराब हैं तो उन्हें तत्काल बदला जाए और यदि किसी कारणवश बंद हैं तो दोबारा चालू कराया जाए, ताकि शहर एक बार फिर तिरंगे की रोशनी से जगमगा सके।
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क्या कहते हैं लोग
करीब 80 प्रतिशत लाइटें बंद या खराब हैं। रात में ब्रिज और सड़कें पहले जैसी आकर्षक नहीं दिखतीं।
प्रदीप कुमार कनौजिया, निवासी मिर्जापुर

शास्त्री ब्रिज पर लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई तिरंगा लाइटें पूरी तरह बंद हैं। इससे गुणवत्ता और रखरखाव दोनों पर सवाल उठते हैं।
जगदीश्वर सिंह, निवासी मिर्जापुर
नटवा-विंध्याचल मार्ग और पथरहिया फुटओवर ब्रिज पर भी अधिकांश लाइटें नहीं जल रही हैं। करोड़ों की परियोजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा।
शिवकुमार सिंह, राहगीर
शुरुआत में दिन में भी लाइटें जलती रहती थीं। उचित रखरखाव न होने से अब पूरी व्यवस्था बदहाल हो गई है।
रमाशंकर, राहगीर

वर्जन
सभी तिरंगा लाइटों का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाता है। हो सकता है कि कुछ लाइटें बंद हो गई हों। उन्हें दिखवाया जाएगा और ठीक कराया जाएगा।
जी लाल, ईओ, मिर्जापुर नगर पालिका
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