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डायरिया, वायरल फीवर ने पसारे पांव
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:52 PM IST
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मिर्जापुर। जलभराव, गंदगी और प्रदूषित पानी के सेवन से लोग डायरिया, वायरल फीवर, चर्मरोग तथा पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं। इन बीमारियोें से पीड़ित लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक्टरों के मौजूद नहीं रहने और दवाओं की कमी के चलते गरीबों का ठीक से इलाज नहीं हो पा रहा है।
पिछले दो महीने में जिले में 10 हजार से अधिक लोग बुखार और मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं जिनका इलाज जनपद के सीएचसी पीएचसी समेत जिला चिकित्सालय में हो रहा है। हलिया, लालगंज एवं मड़िहान में दूषित पानी पीने से कई लोग डायरिया की चपेट में आए जिसमें तीन की मौत भी हो चुकी है। सौ से अधिक मरीज बीमार हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जाकर बचाव का सुझाव दे रही है। पटेहरा ब्लाक क्षेत्र के सिरसी गांव में डायरिया की चपेट में आने से दो और राजगढ़ के धौरहरा गांव में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। दुर्जनीपुर गांव में मात्र एक हैंडंपप है। यहां के लोग प्रदूषित पानी पीने को विवश हैं। चिकित्सकों ने पानी उबाल कर और क्लोरीन की गोली डालकर पीने, मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और जलभराव वाले स्थान पर केरोसिन डालने की सलाह दी है। डा. नीलेश कुमार ने बताया कि बरसात में चर्म रोग होते हैं। चर्मरोग होने पर डाक्टर से संपर्क कर दवा लेनी चाहिए। सीएमओ डा. ओपी तिवारी ने कहा कि डायरिया व संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डायरिया पर रोकथाम के लिए दो टीमें बनाई गई हैं जो गांवों में पहुंचकर मरीजों को दवा देने का काम करती हैं।
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पिछले दो महीने में जिले में 10 हजार से अधिक लोग बुखार और मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं जिनका इलाज जनपद के सीएचसी पीएचसी समेत जिला चिकित्सालय में हो रहा है। हलिया, लालगंज एवं मड़िहान में दूषित पानी पीने से कई लोग डायरिया की चपेट में आए जिसमें तीन की मौत भी हो चुकी है। सौ से अधिक मरीज बीमार हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जाकर बचाव का सुझाव दे रही है। पटेहरा ब्लाक क्षेत्र के सिरसी गांव में डायरिया की चपेट में आने से दो और राजगढ़ के धौरहरा गांव में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। दुर्जनीपुर गांव में मात्र एक हैंडंपप है। यहां के लोग प्रदूषित पानी पीने को विवश हैं। चिकित्सकों ने पानी उबाल कर और क्लोरीन की गोली डालकर पीने, मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और जलभराव वाले स्थान पर केरोसिन डालने की सलाह दी है। डा. नीलेश कुमार ने बताया कि बरसात में चर्म रोग होते हैं। चर्मरोग होने पर डाक्टर से संपर्क कर दवा लेनी चाहिए। सीएमओ डा. ओपी तिवारी ने कहा कि डायरिया व संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डायरिया पर रोकथाम के लिए दो टीमें बनाई गई हैं जो गांवों में पहुंचकर मरीजों को दवा देने का काम करती हैं।
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