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कोर्ट से बड़े हुए एसडीएम एवं डीएसओ
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:17 AM IST
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मिर्जापुर। हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मझवां ब्लॉक के जमुआ के कोटे की दुकान को निरस्त कर बिना मानक को पूरा किए ही दूसरे को प्रस्तावित कर दिया । मामले की जानकारी होने पर कोटेदार ने इसे न्यायालय के आदेश की अवहेलना की बात मानते हुए जिलाधिकारी, एसडीएम सदर, जिलापूर्ति अधिकारी समेत चार लोगों को कानूनी नोटिस दी है। मझवां के जमुआ निवासी मानता प्रसाद के अनुसार एआर कोआपरेटिव सहकारिता समिति द्वारा समिति की जमुआ की दुकान निरस्त कर उनके पास अटैच कर दी थी। जिसको वर्ष 2017 में एसडीएम सदर द्वारा दुकान निरस्त कर दिया गया था। मामला अपर आयुक्त खाद्य के न्यायालय में चलने पर उन्होंने 11 जुलाई 2017 को दुकान निरस्त के आदेश को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया। इसके बाद से दुकान का संचालन नियमित तरीके से वह कर रहा था। इसी बीच मामला उच्च न्यायालय में चला गया। कोर्ट ने भी स्टे का आदेश देेते हुए यथास्थिति का निर्देश दिया। बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश को धता बताते हुए बिना खुली बैठक किए दुकान को निरस्त कर दूसरे को प्रस्तावित कर दिया। मामले की जानकारी होने पर मानता प्रसाद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिलाधिकारी, एसडीएम सदर, जिलापूर्ति अधिकारी और एआरओ को कानूनी नोटिस भेजी है। पूछा है कि जब उनका मामला न्यायालय में चल रहा है तो फिर उनकी दुकान को कैसे दूसरे को प्रस्तावित कर दिया गया। यहीं नहीं बिना खुली बैठक या जनता की राय लिए ही निर्णय लिया गया। उधर एसडीएम अरविंद चौहान का कहना है कि दुकान दूसरे को आवंटित नहीं की गई है। इस बात का प्रस्ताव जरूर लाया गया है।
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