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संपूर्ण समाधान दिवस बन रहा बेमानी

Wed, 04 Oct 2017 12:27 AM IST
Updated Wed, 04 Oct 2017 12:27 AM IST
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संपूर्ण समाधान दिवस बन रहा बेमानी

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मिर्जापुर। संपूर्ण समाधान दिवस पर जनता की समस्याओं का निराकरण नही हो पा रहा है। जिससे संपूर्ण समाधान दिवस बेमानी साबित हो रहा है। मड़िहान तहसील में डीएम बिमल कुमार दुबे के होने के बावजूद 124 में से महज छह, चुनार में 170 में से तीन, लालगंज में 63 में से पांच और सदर में 242 मामले आए। जिसमें से 599 मामलों में से 26 समस्याओं का निराकरण किया जा सका।
मड़िहान तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में लोगों की समस्याओं को सुना गया। डीएम ने एक सप्ताह के अंदर फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया। कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नही होगी। दिवस में 124 फरियादी आये, जिसमें छह का मौके पर निस्तारण किया गया। राजपुर की मोमिना बेगम ने शिकायत किया कि पति हबीब की मौत मार्च में हो चुकी है। रिपोर्ट लगाने के लिए राजस्व निरीक्षक द्वारा सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। नाजिर रामप्रसाद से अभिलेख तलब करने पर पाया की एक दर्जन लोगों का ऑनलाइन ही नही कराया गया है। डीएम ने राजस्व निरीक्षकों को कड़ी फटकार लगाया, कहा कि भविष्य में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसपी आशीष तिवारी, एसडीएम सविता यादव, तहसीलदार रामजीत मौर्य, सीओ आपरेशन केपी सिंह आदि मौजूद रहे। चुनार तहसील सभागार सीडीओ प्रियंका निरंजन ने समस्याओं को सुना। तहसील दिवस में 170 प्रार्थना पत्र में से मौके पर तीन का निस्तारण किया गया। इस दौरान एसडीएम सुनील कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे। सदर तहसील में एसडीएम अविनाश त्रिपाठी ने फरियादियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान मामले आए जिसमें से मौके पर 242 में से 12 मामलों का निस्तारण किया गया, शेष मामलों के निस्तारण का निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिया। इस दौरान तहसीलदार विकास पांडेय आदि मौजूद रहे।
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लालगंज तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी लल्लन राम की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस में समस्याओं को सुना गया। इस दौरान 63 मामले आए जिसमें से पांच प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया गया। नदौली के दिनेश ने कोटेदार पर वितरण में अनियमितता की शिकायत किया। एसडीएम ने मजिस्ट्रेट से जांच कराने का आदेश दिया। इस अवसर पर तहसीलदार ओमप्रकाश पांडेय, प्रमोद यादव, शरद चंद यादव, टीआर गौतम आदि मौजूद रहे।
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