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शिक्षकों को मिले कैशलेस चिकित्सा सुविधा
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:27 AM IST
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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर बुधवार को दूसरे दिन भी धरना दिया और धरना के बाद शिक्षकों ने एसडीएम सदर अविनाश त्रिपाठी को मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि राज्य कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिले शिक्षकों की कमी को दूर किया जाए, जिससे पढ़ाई में सुधार हो सके। विद्यालयों में सुरक्षा के लिए चौकीदार तैनात हों।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में रिक्त पदों को शीघ्र ही पदोन्नति से भरा जाए। प्रभारी प्रधानाध्यापक को स्थानापन्न वेतन दिया जाए। शासनादेश के विपरीत कराए गए समायोजन को निरस्त किया जाए। मंत्री विजयशंकर त्रिपाठी ने कहा कि चयन वेतनमान और प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त करने के बाद एक वेतनवृद्घि के लिए स्पष्ट दिशा निर्देेश जारी किया जाए। समस्याओं का सकारात्मक निराकरण करें। कोषाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्कूलों में पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय, बिजली, पंखा आदि की व्यवस्था की जाए। सुभाष तिवारी ने कहा कि रंगाई पोताई, रख रखाव, यूनिफार्म के लागत मद में वृद्घि की जाए। शान मोहम्मद ने कहा कि गरीब अभिभावकों केे समाजवादी पेंशन, विधवा, वृद्घा, एनएफएसए जैसी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उमाकांत मिश्रा ने कहा कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों का पेंशन लाभ दिया जाए। आनंद सिंह ने कहा कि शिक्षकों की मृत्यु के बाद उनके परिजनों को मृतक आश्रित कोटे में चपरासी बनाया जा रहा है, मृतक आश्रितों केे योग्यतानुसार पद दिया जाए। अमरेश शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों का विधिवत प्रशिक्षण हो। राजेंद्र यादव ने कहा कि दूरस्थ जनपदों में कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जनपद में अंर्तजनपदीय स्थानांतरण हेतु निर्धारित अवधि को एक वर्ष किया जाए। अशोक मौर्य ने कहा कि एमडीएम का संचालन स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से हो। धरने में कौशल सिंह, सर्वेश मौर्य, इंद्रभूषण उपाध्याय, मनोज राय, अमरेश शुक्ला आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में रिक्त पदों को शीघ्र ही पदोन्नति से भरा जाए। प्रभारी प्रधानाध्यापक को स्थानापन्न वेतन दिया जाए। शासनादेश के विपरीत कराए गए समायोजन को निरस्त किया जाए। मंत्री विजयशंकर त्रिपाठी ने कहा कि चयन वेतनमान और प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त करने के बाद एक वेतनवृद्घि के लिए स्पष्ट दिशा निर्देेश जारी किया जाए। समस्याओं का सकारात्मक निराकरण करें। कोषाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्कूलों में पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय, बिजली, पंखा आदि की व्यवस्था की जाए। सुभाष तिवारी ने कहा कि रंगाई पोताई, रख रखाव, यूनिफार्म के लागत मद में वृद्घि की जाए। शान मोहम्मद ने कहा कि गरीब अभिभावकों केे समाजवादी पेंशन, विधवा, वृद्घा, एनएफएसए जैसी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उमाकांत मिश्रा ने कहा कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों का पेंशन लाभ दिया जाए। आनंद सिंह ने कहा कि शिक्षकों की मृत्यु के बाद उनके परिजनों को मृतक आश्रित कोटे में चपरासी बनाया जा रहा है, मृतक आश्रितों केे योग्यतानुसार पद दिया जाए। अमरेश शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों का विधिवत प्रशिक्षण हो। राजेंद्र यादव ने कहा कि दूरस्थ जनपदों में कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जनपद में अंर्तजनपदीय स्थानांतरण हेतु निर्धारित अवधि को एक वर्ष किया जाए। अशोक मौर्य ने कहा कि एमडीएम का संचालन स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से हो। धरने में कौशल सिंह, सर्वेश मौर्य, इंद्रभूषण उपाध्याय, मनोज राय, अमरेश शुक्ला आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किया।
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