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शिक्षकों कर्मचारियों को सरकार ने बनाया अंगूठा छाप
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:47 AM IST
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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में माध्यमिक शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर बुधवार को धरना प्रदर्शन किया। संचालन करते हुए जिलाध्यक्ष डा. प्रवीण कुमार सिंह ने माध्यमिक शिक्षकों की बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी कराने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत में सरकार द्वारा शिक्षकों और कर्मचारियों को अंगूठा छाप बना दिया गया है।
शिक्षक राजेंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार प्राइमरी और महाविद्यालयों में भी बायोमेट्रिक व्यवस्था को लागू करें। बायोमेट्रिक मशीने जहां भी लगाई जा रही है, प्राय: खराब हो रही है। राम नरायन सिंह ने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय दिए जाने पर बल दिया। कपूरचंद्र कसरवानी ने व्यावसायिक शिक्षकों का मानदेय ससमय देने की मांग किया। जिला मंत्री विनय कुमार सिंह ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक शिक्षकों की मांगों का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। कहा कि पूरे देश में एक समान नियम होना चाहिए। बायोमेट्रिक हाजिरी महज माध्यमिक शिक्षकों के लिए लागू किया गया है। बायोमेट्रिक हाजिरी सभी विद्यालयों पर लागू हो। एनपीएस कटौती का शिक्षकों के खाते में नहीं भेजा जा रहा है। वहीं वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय भी रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के चयन वेतनमान और अवशेष भुगतान में भी लापरवाही बरती जा रही है। जिससे शिक्षकों में काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण जल्द नहीं होने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान कुलदीप श्रीवास्तव, मुरारी मिश्रा, राजेश, ओम प्रकाश, नरेंद्र श्रीवास्तव, महेश पांडेय, गिरिजेश, सुरेश, पवन सिंह, नरेंद्र, पंकज, राजेश कुमार, प्रशांत वर्मा, बंबई राम, विजय दूबे, राम नरायन सिंह, सुधीर सिंह, दीपक कनौजिया आदि मौजूद रहे।
शिक्षक राजेंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार प्राइमरी और महाविद्यालयों में भी बायोमेट्रिक व्यवस्था को लागू करें। बायोमेट्रिक मशीने जहां भी लगाई जा रही है, प्राय: खराब हो रही है। राम नरायन सिंह ने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय दिए जाने पर बल दिया। कपूरचंद्र कसरवानी ने व्यावसायिक शिक्षकों का मानदेय ससमय देने की मांग किया। जिला मंत्री विनय कुमार सिंह ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक शिक्षकों की मांगों का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। कहा कि पूरे देश में एक समान नियम होना चाहिए। बायोमेट्रिक हाजिरी महज माध्यमिक शिक्षकों के लिए लागू किया गया है। बायोमेट्रिक हाजिरी सभी विद्यालयों पर लागू हो। एनपीएस कटौती का शिक्षकों के खाते में नहीं भेजा जा रहा है। वहीं वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय भी रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के चयन वेतनमान और अवशेष भुगतान में भी लापरवाही बरती जा रही है। जिससे शिक्षकों में काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण जल्द नहीं होने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान कुलदीप श्रीवास्तव, मुरारी मिश्रा, राजेश, ओम प्रकाश, नरेंद्र श्रीवास्तव, महेश पांडेय, गिरिजेश, सुरेश, पवन सिंह, नरेंद्र, पंकज, राजेश कुमार, प्रशांत वर्मा, बंबई राम, विजय दूबे, राम नरायन सिंह, सुधीर सिंह, दीपक कनौजिया आदि मौजूद रहे।
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