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मनरेगा से मिले लाभ को जांचने पहुंची टीम
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:08 AM IST
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राजगढ़ । भारत सरकार द्वारा चलाई गई मनरेगा योजना के माध्यम से ग्रामीणों को कितना लाभ मिला इसकी जानकारी के लिए केंद्र सरकार की एक टीम ने दो ब्लॉकों का दौरा किया। जिन लोगों ने योजना के तहत एकल लाभ लेकर अपने खेत का समतलीकरण करवाया या खेत तालाब बनवा कर लाभ लिया था।
उसका परिणाम जानने के लिये काउंसिल ऑफ सोशल डवलपमेंट नई दिल्ली से प्रोफेसर डॉ मंदिरा भट्टाचार्या के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एक टीम स्थलीय जांच हेतु राजगढ़ और पहाड़ी पहुंची थी। टीम में शामिल अधिकारियों ने तीन-तीन गांवों के 20-20 लाभार्थियो से बात की। जांच कर टीम केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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इस संबंध में टीम द्वारा बुधवार को राजगढ़ ब्लॉक के रामपुर 33, देवपुरा व राजगढ़ के 20 - 20 लाभार्थियों से पूछ ताछ की गई। जांच टीम द्वारा खेत समतलीकरण व खेत तालाब का लाभ लेने वाले किसानों से एक-एक कर विस्तृत जानकारी ली गई। टीम प्रभारी प्रोफेसर मंदिरा भट्टाचार्य ने पूछा कि मनरेगा से लाभ लेने के बाद कितना आर्थिक लाभ हुआ। लाभ के धन का उपयोग किसान द्वारा किस मद (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, मकान, रहन सहन) में खर्च किया गया।
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टीम के सदस्य राजेन्द्र कुमार ने लाभार्थियों से जाना कि लाभ लेने के पहले उस खेत से कितना आमदनी होती थी, लाभ के बाद आमदनी बढ़ी या उतने पर ही सीमित है। किसानों ने टीम के सदस्यों को विस्तृत रूप से जानकारी दी। कुछ किसानों ने मनरेगा के कार्यों में बरती गई लापरवाही को भी बताया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी आर सी राम, जितेंद्र प्रसाद, प्रधान राजकुमार सिंह, रामेश्वर सिंह, अजय सिंह, कमल प्रसाद आदि उपस्थित रहे।