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ट्रस्ट की जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद
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मिर्जापुर। जिला प्रशासन व नगर पालिकाध्यक्ष की टकराहट एक ट्रस्ट की जमीन को लेकर है। आरोप है कि नपाध्यक्ष ने जिस भूमि पर अपना शिविर कार्यालय खोल रखा है, वह एक ट्रस्ट की जमीन है। इससे उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन ने नपाध्यक्ष से अपना कब्जा हटाने को कहा है। सूत्रों की मानें तो टकराव कीर मुख्य वजह इसी को लेकर है।
झगड़े का मूल कारण श्री भैरो प्रसाद जायसवाल ट्रस्ट की जमीन बताई जाती है। आरोप है कि इसी जमीन पर नपाध्यक्ष ने रंगाई- पोताई कराकर कार्यालय खोल लिया है। इस संबंध में न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन ने नपाध्यक्ष से उक्त भूमि पर से कब्जा हटाने को कहा। इस संबंध में उनको सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस भी भेजी गई थी लेकिन नपाध्यक्ष ने कहा कि उस जमीन पर महाप्रशासक इलाहाबाद का कोई भी अधिकार नहीं है। साथ ही कहा गया कि वह कतई अवैध कब्जादार नहीं हैं। डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि इसके बाद विधिक राय प्राप्त की गई। जिसमें यह कहा गया कि ट्रस्ट की जमीन महा प्रशासक एवं शासकीय न्यासी उत्तर प्रदेश की प्रशासनाधीन संपत्ति है। इसके बाद वाद-परिवाद के चलते डीएम कार्यालय ने मनोज जायसवाल व सुधीर जायसवाल को नोटिस भेजकर कब्जा हटाने को कहा। इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया तो नोटिस में कहा गया कि यदि कब्जा नहीं हटवाया गया तो उसे बलपूर्वक हटाया जाएगा। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि इस संबंध में पत्र जारी कर उनको कब्जा हटाने को कहा गया है। कहा जा रहा है कि इसी बात को लेकर टकराव चल रहा है और इस प्रकार की बातें हो रही है।
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झगड़े का मूल कारण श्री भैरो प्रसाद जायसवाल ट्रस्ट की जमीन बताई जाती है। आरोप है कि इसी जमीन पर नपाध्यक्ष ने रंगाई- पोताई कराकर कार्यालय खोल लिया है। इस संबंध में न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन ने नपाध्यक्ष से उक्त भूमि पर से कब्जा हटाने को कहा। इस संबंध में उनको सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस भी भेजी गई थी लेकिन नपाध्यक्ष ने कहा कि उस जमीन पर महाप्रशासक इलाहाबाद का कोई भी अधिकार नहीं है। साथ ही कहा गया कि वह कतई अवैध कब्जादार नहीं हैं। डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि इसके बाद विधिक राय प्राप्त की गई। जिसमें यह कहा गया कि ट्रस्ट की जमीन महा प्रशासक एवं शासकीय न्यासी उत्तर प्रदेश की प्रशासनाधीन संपत्ति है। इसके बाद वाद-परिवाद के चलते डीएम कार्यालय ने मनोज जायसवाल व सुधीर जायसवाल को नोटिस भेजकर कब्जा हटाने को कहा। इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया तो नोटिस में कहा गया कि यदि कब्जा नहीं हटवाया गया तो उसे बलपूर्वक हटाया जाएगा। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि इस संबंध में पत्र जारी कर उनको कब्जा हटाने को कहा गया है। कहा जा रहा है कि इसी बात को लेकर टकराव चल रहा है और इस प्रकार की बातें हो रही है।
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