मिर्जापुर। केबीपीजी कॉलेज में कॉलेज बंद करने का विरोध जताने पर शनिवार को कॉलेज के एक शिक्षक एवं छात्र संघ के अध्यक्ष के बीच विवाद हो गया। शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने छात्रसंघ की औकात चपरासी के बराबर होने की बात कही जिस पर छात्र आक्रोशित हो गए और शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। नाराज छात्रों ने कॉलेज के बाद मुसफ्फरगंज रोड को जाम कर शिक्षक के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वह लोग धरना जारी रखेंगे। करीब दो घंटे तक सड़क जाम करने की सूचना मिलने पर पहुंची कटरा कोतवाली पुलिस ने छात्र छात्रों को समझा बुझाकर शांत कराया। केबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ की अध्यक्ष प्रकृति मिश्रा के अनुसार कालेज को शीतकालीन सत्र बताकर बंद कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर शनिवार को कालेज पहुंची और कालेज बंद करने का विरोध जताया। कहा कि पिछले महीने छात्र संघ का चुनाव चलने के कारण दो महीने तक पढ़ाई प्रभावित हुई है। अगले दो महीने बाद परीक्षा होने वाली है। इसको देखते हुए कालेज बंद नहीं किया जाए जिससे छात्र छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। जब ठंड पड़ने लगेगी तो कालेज को बंद कर दिया जाए उनको कोई परेशानी नहीं होगी। इस पर वहां तैनात एक शिक्षक ने कहा कि ठंड पड़ रही है, इसलिए कालेज को बंद किया जाएगा। आरोप है कि शिक्षक अध्यक्ष प्रकृति के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कालेज से बाहर निकालने का प्रयास किया। यह देख वहां मौजूद छात्र छात्राएं आक्रोशित हो गए और शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। नाराज छात्रों ने मुसफ्फरगंज रोड को जाम कर कालेज के बाहर धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि अगर आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह धरना प्रदर्शन के बाद आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान सौरभ श्रीवास्तव, कृति मिश्रा, प्रवीण दूबे, शिवा पांडेय, गोपाल जायसवाल, शिवाशु द्विवेदी, रत्नेश यादव, सुधीर पांडेय, विपिन दूबे, सागर गिरी, आकाश पुरी आदि शामिल रहे।