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गोस्वामी तुलसीदास हिन्दी साहित्य के महान कवि थे
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:24 AM IST
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मिर्जापुर। गोस्वामी तुलसीदास का संपूर्ण जीवन लोक कल्याण भक्त वात्सल्य का था। उनसे समाज में रचनात्मक कार्य की प्रेरणा लेनी चाहिए। ये बातें मुख्य अतिथि अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण चंद्र पांडेय ने शुक्रवार को रमईपट्टी में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर आयोजित गोष्ठी में कहीं।
गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी की शुरूआत की गई। दौरान अरुणचंद्र पांडेय ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य के महान कवि थे। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्री रामचरित मानस लोक ग्रंथ के साथ ही समाज का पथ प्रदर्शक करने वाला महान ग्रंथ है। राष्ट्रीय महामंत्री सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि श्री रामचरित मानस महाकाव्य विश्व के सौ सर्वश्रेष्ठ काव्यों में 46 वें स्थान पर है। तुलसी दास ने विनय पत्रिका, दोहावली, कवितावली, वैराग्य, सन्दीपनी, जानकी मंगल आदि रचनाएं समाज के लिए दी हैं। रोहित शुक्ला, राकेश त्रिपाठी, इन्द्र बहादुर, हीरालाल पांडेय, विनीत कुमार दुबे ने संबोधित किया। इस अवसर पर नीलकांत पांडेय, शिवसागर तिवारी, प्रेमसागर दुबे, वीपी मिश्र, राजनाथ तिवारी, विनोद पांडेय,रविकांत तिवारी, श्यामलाल तिवारी, राकेश कुमार शुक्ला, शिवम उपाध्याय, संजू तिवारी, बच्चन तिवारी आदि मौजूद रहे।
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गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी की शुरूआत की गई। दौरान अरुणचंद्र पांडेय ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य के महान कवि थे। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्री रामचरित मानस लोक ग्रंथ के साथ ही समाज का पथ प्रदर्शक करने वाला महान ग्रंथ है। राष्ट्रीय महामंत्री सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि श्री रामचरित मानस महाकाव्य विश्व के सौ सर्वश्रेष्ठ काव्यों में 46 वें स्थान पर है। तुलसी दास ने विनय पत्रिका, दोहावली, कवितावली, वैराग्य, सन्दीपनी, जानकी मंगल आदि रचनाएं समाज के लिए दी हैं। रोहित शुक्ला, राकेश त्रिपाठी, इन्द्र बहादुर, हीरालाल पांडेय, विनीत कुमार दुबे ने संबोधित किया। इस अवसर पर नीलकांत पांडेय, शिवसागर तिवारी, प्रेमसागर दुबे, वीपी मिश्र, राजनाथ तिवारी, विनोद पांडेय,रविकांत तिवारी, श्यामलाल तिवारी, राकेश कुमार शुक्ला, शिवम उपाध्याय, संजू तिवारी, बच्चन तिवारी आदि मौजूद रहे।
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