{"_id":"5a5659184f1c1b181b8b45be","slug":"31515608344-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इग्नू के कोर्स व प्रवेश की दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इग्नू के कोर्स व प्रवेश की दी जानकारी
Updated Thu, 11 Jan 2018 12:22 AM IST
विज्ञापन
इग्नू की कार्यशाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। नगर के भरुहना में जीडी बिनानी कालेज स्थित इग्नू केंद्र में एक दिवसीय कार्यशाला बुधवार को आयोजित की गई। इसमें क्षेत्रीय निदेशक डा. संजय कुमार और डा. श्रवण कुमार पांडेय ने इग्नू में संचालित कोर्सों और इसमें प्रवेश के बारे मेें जानकारी दी।
डा. संजय कुमार पांडेय ने बताया कि इग्नू एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत इग्नू की ऑनलाइन सेवाओं को गांव- गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए देश भर में कामन सर्विस सेंटर को चिह्नित किया गया है। इग्नू के सभी क्षेत्रीय केंद्रों की ओर से कार्यशाला आयोजित की जा रही है। क्षेत्रीय निदेशक डा. श्रवण कुमार पांडेय ने कहा कि इग्नू की आनलाइन सेवाओं के कारण प्रवेश आसान हो गया है। ऑनलाइन प्रवेश, पुन: पंजीकरण, सत्रांत परीक्षा फार्म भरने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के वर्ग के छात्रों को इग्नू की स्नातक डिग्री, सर्टिफिकेट तथा डिप्लोमा कार्यक्रमों में ऑनलाइन नामांकन के समय शुल्क का भुगतान छात्रों को करना होगा। इसके बाद शुल्क इग्नू मुख्यालय की ओर से वापस होगा। समन्वयक डा. राजेश श्रीवास्तव ने जन सेवा के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डा. रामेंद्र शुक्ल, प्राचार्य डा. राजीव अग्रवाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
डा. संजय कुमार पांडेय ने बताया कि इग्नू एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत इग्नू की ऑनलाइन सेवाओं को गांव- गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए देश भर में कामन सर्विस सेंटर को चिह्नित किया गया है। इग्नू के सभी क्षेत्रीय केंद्रों की ओर से कार्यशाला आयोजित की जा रही है। क्षेत्रीय निदेशक डा. श्रवण कुमार पांडेय ने कहा कि इग्नू की आनलाइन सेवाओं के कारण प्रवेश आसान हो गया है। ऑनलाइन प्रवेश, पुन: पंजीकरण, सत्रांत परीक्षा फार्म भरने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के वर्ग के छात्रों को इग्नू की स्नातक डिग्री, सर्टिफिकेट तथा डिप्लोमा कार्यक्रमों में ऑनलाइन नामांकन के समय शुल्क का भुगतान छात्रों को करना होगा। इसके बाद शुल्क इग्नू मुख्यालय की ओर से वापस होगा। समन्वयक डा. राजेश श्रीवास्तव ने जन सेवा के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डा. रामेंद्र शुक्ल, प्राचार्य डा. राजीव अग्रवाल मौजूद रहे।
विज्ञापन